अवैध कब्जेदारों की जिले में लंबी फेहरिस्त
अंबेडकरनगर। अतिक्रमण के लगभग 1100 मामले जिले में चिह्नित हुए हैं। ऐसे मामलों को चिंहित किए जाने के बाद प्रशासन ने विशेष अभियान भी शुरू कर दिया है। कई मामलों में कब्जा हटवाने के साथ ही जलालपुर में एक आरोपी के विरुद्ध केस भी दर्ज कराया गया है। इन सबके बीच एक बड़ा तथ्य यह भी है कि किसी संगठित माफिया या ऐसे गिरोह पर भूमि कब्जे का आरोप लिखित तौर पर नहीं है, जो बड़े क्षेत्रफल पर कब्जा कर प्लाटिंग आदि करा रहा हो।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में भूमि से कब्जा हटवाने के लिए वृहद अभियान चलाने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि सभी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध ढंग से किए गए कब्जों को हटवाया जाए। इसके बाद शासन के निर्देश के क्रम में जिले में भी एण्टी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन हुआ। तहसीलों से आंकड़े एकत्र किए जाने लगे। तहसीलों द्वारा आई रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर पहुंचने के बाद उसे शासन को भेजने के साथ ही उस पर अमल भी शुरू हुआ। 30 जून तक ऐसे मामले चिह्नित किए जाने की समय सीमा थी। लगभग 1100 मामले चिह्नित किए गए, जिन्होंने ग्राम पंचायत या विभिन्न सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर रखा हो। इसमें पट्टे आदि की भूमि पर कब्जे का भी मामला शामिल किया गया। हालांकि एक तरफ जब ऐसे मामलों को सूचीबद्ध किया जा रहा था, तभी प्रशासन ने कई जगहों पर कब्जा हटाने की भी मुहिम चलाई। डीएम अखिलेश सिंह ने भी 2 से अधिक जगहों पर स्वयं जाकर अतिक्रमण हटवाने में भाग लिया।
अभियान के दौरान पाया गया कि लगभग एक दर्जन स्थानों पर सरकारी भूमि पर भी कब्जा है। इसमें जलालपुर में जांच के दौरान पता चला कि एक व्यक्ति द्वारा दोबारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर किया गया है। डीएम के आदेश पर उसके विरुद्ध जलालपुर थाने में केस दर्ज कराया गया। इस बीच प्रशासन ने ऐसे सभी मामलों में संबंधित पक्ष को नोटिस देने व अन्य विधिक कार्रवाई की भी प्रक्रिया अपना रखी है।
डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि निर्धारित समय सीमा तक अवैध कब्जे के मामलों को चिंहित कर लिया गया है। कई जगहों पर कब्जे हटवाए भी गए हैं। विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अवैध कब्जे से जुड़े सभी मामलों में नियमानुसार सभी आवश्यक कार्रवाई तय होगी।