जिले के 63 हजार किसानों को मिलेगी राहत
अंबेडकरनगर। प्रदेश के बजट में कर्ज माफी के लिए धनराशि आवंटन से जिले के किसान खुश हैं। करीब 63 हजार काश्तकारों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इसके साथ डिग्री कॉलेज व विश्वविद्यालयों में वाईफाई सुविधा दिए जाने की घोषणा का युवाओं ने स्वागत किया है। लेकिन जिले के वह तमाम लोग निराश हुए जो विभिन्न मदों में विकास कार्य के लिए बजट आवंटन की उम्मीद लगाए थे।
प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में जो बजट पेश किया उसमें अंबेडकरनगर जनपद के लिए अलग से कोई खास घोषणा का जिक्र नहीं है। जिले के लिए लोग कई कार्यों के लिए बजट आवंटन की घोषणा होने की उम्मीद लगाए थे। बसपा का गढ़ रहे जिले में बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीट जीतने में सफलता पाई थी। लोकसभा सीट भी भाजपा के पास है। ऐसे में लोग प्रदेश की भाजपा सरकार से विकास कार्यों के लिए धनराशि आवंटन की आस लगाए थे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
बजट से जनपद के किसान जरूर गदगद हैं। सरकार ने अपने वादे के मुताबिक कृषि लोन माफ करने के लिए बड़े बजट की व्यवस्था की है। इससे जनपद के 63 किसानों को सीधा लाभ होगा। इस पर बरवां नासिरपुर के किसान शिवपूजन कहते हैं कि सरकार ने ऋण माफी के लिए बजट की व्यवस्था करके किसानों को राहत दी है। मूसेपुर कला के जयप्रकाश ने भी कर्जमाफी के लिए बजट की व्यवस्था होने का स्वागत किया। कई अन्य किसानों ने ऋण माफी के लिए बजट में प्रावधान का स्वागत किया। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 19 बैंक शाखाओं ने 63 हजार 279 किसानों की सूची आई है। डीएम अखिलेश सिंह के मुताबिक सूची की छानबीन के लिए जिलास्तर पर कमेटी गठित करते हुए उपकृषि निदेशक को जिम्मा सौंपा गया है।
कॉलेजों में वाई-फाई सुविधा का छात्र ने किया स्वागत
अंबेडकरनगर। युवाओं ने विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में वाई-फाई सुविधा दिए जाने पर खुशी जताई। छात्रा माधुरी पटेल ने कहा कि इससे इंटरनेट की सुविधा सभी छात्रों को मिलेगी। उनको पढ़ाई में सहूलियत होगी। छात्र शिवम का कहना है कि ऐसा होने से युवाओं पर इंटरनेट खर्च का बोझ कम होगा। इसके साथ परिषदीय स्कूलों में बच्चों को जूता, मोजा व स्वेटर दिए जाने, तीर्थस्थलों पर नए बस स्टेशन बनाए जाने तथा सड़कों के लिए अतिरिक्त बजट के प्रबंध का भी स्वागत किया गया है। व्यापारी सूर्यदेव के मुताबिक सड़कों की मरम्मत की तरफ सरकार ने ध्यान दिया है, लेकिन अमलीजामा पहनाने की चुनौती से जूझना होगा। पवन वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सरकार को और ध्यान देने की जरूरत है।
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कई कामों की तरफ नहीं दिया ध्यान
जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए लोग नए उपकेंद्रों के लिए बजट में घोषणा होने का इंतजार कर रहे थे। गौरतलब है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र ओवरलोड चल रहे हैं जिससे आए दिन आपूर्ति बाधित होती है। जिले की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए बजट में व्यवस्था नहीं होने से लोग कुछ मायूस हुए हैं। इसी तरह पवित्र शिवबाबा, श्रवण क्षेत्र आदि पर्यटक स्थल के तौर पर घोषित हैं। इनको विकसित करने की जरूरत बनी है। मौजूदा बजट में इस तरफ ध्यान नहीं दिए जाने से लोग निराश हैं। जिला मुख्यालय पर जाम के संकट से निजात के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्माण जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। हालांकि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बाईपास की घोषणा कर रखी है लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र कहते हैं कि सरकार गड्ढामुक्त करने के लिए तमाम दावे के बाद भी पैसे निर्गत नहीं कर सकी। ऐसे में ज्यादा उम्मीद करना बेमानी है।