अधिवक्ता समेत दो को दुष्कर्म के प्रयास में पांच वर्ष की सजा
अंबेडकरनगर। सगी बहनों से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में अधिवक्ता समेत दो आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक कोर्ट महेंद्र सिंह ने 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 30-30 हजार रुपए का अर्थदंड भी अभियुक्तों पर लगाया गया है। मामला मालीपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
वर्ष 1996 में मालीपुर थाने में दर्ज कराए गए केस के जरिये वादी ने कहा था कि उसकी दो पुत्रियां स्कूल से सिलाई सीख कर दिन में 12 बजे वापस घर आ रही थी। रास्ते में कालेपुर महुवल गांव निवासी बब्लू सिंह व गुड्डू सिंह ने दोनों को रोक लिया और उन्हें पकड़ कर बगल स्थित खेत में ले गए। वहां मारपीट कर दुष्कर्म का प्रयास किया गया। कुछ स्थानीय लोग दौड़े दो दोनों युवक उन्हें छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया। जेल जाने के बाद दोनों आरोपी इन दिनों जमानत पर रिहा चल रहे थे। इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। बचाव पक्ष ने तर्क देेते हुए कहा कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, ऐसे में कम से कम सजा दी जाए। उधर अभियोजन पक्ष ने मामले में अधिकतम सजा दिए जाने पर जोर दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश फास्टट्रैक कोर्ट प्रथम महेन्द्र सिंह ने कहा कि दो बालिकाओं के साथ इस तरह का अपराध अत्यंत गंभीर है। समाज में अच्छा संदेश जाने के लिए उचित व पर्याप्त दंड दिया जाना जरूरी है। न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को मामले में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 30-30 हजार रुपए की के अर्थदंड की सजा सुनाई। कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का साधारण कारावास अलग से भुगतना होगा। कई अन्य धाराओं में भी एक से दो वर्ष तक के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने वसूली जाने वाली रकम में से 70 हजार रुपए दोनों पीड़ितों के बीच वितरित किए जाने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि कारावास की सजा पाने वाला गुड्डू जनपद न्यायालय में ही अधिवक्ता के तौर पर प्रैक्टिस करता है।