सख्ती हटते ही फिर शुरू हो गई पेट्रोल पंपों पर मनमानी
अंबेडकरनगर। जिले के पेट्रोल पंपों पर घटतौली व मिलावट रोकने के लिए छापेमारी अभियान अब पूरी तरह थम चुका है। इससे एक बार फिर से पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी सामने आने लगी है। हालांकि बीते दिनों हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिले के चार पेट्रोल पंप मालिकों पर भी गाज गिरी है। एक माह पूर्व हुई छापेमारी में गड़बड़ी मिलने के बाद गत दिवस इन संचालकों के विरुद्ध संबंधित थानों में केस दर्ज कराया गया है। इनमें से वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री की पत्नी का भी पेट्रोल पंप शामिल है।
गौरतलब है कि प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पेट्रोल पंपों पर घटतौली व मिलावट रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी हुई थी। अंबेडकरनगर में भी शासन के रुख को देखते हुए पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। गड़बड़ी भी कई जगह पकड़ में आई लेकिन बाद में सब कुछ पुराने ढर्रे पर लौट आया। पेट्रोल पंपों पर छापेमारी का अभियान पूरी तरह ठप पड़ चुका है। आलापुर तहसील के कुछ पेट्रोल पंप पर जांच की बात छोड़ दी जाए तो अभियान शिथिल हो गया है। नतीजतन पेट्रोल पंपों पर मनमानी का दौर फिर से शुरू हो गया है। हालांकि शुरुआती दौर में जब प्रदेश स्तर पर सख्ती का माहौल बना था तो यहां भी उसका असर साफ देखने को मिला था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साफ-सुथरी छवि वाले पेट्रोल पंपों पर भी पहले से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल व डीजल मिलने का लाभ उपभोक्ताओं को मिला। यह बात अलग है कि छापेमारी का दौर समाप्त होते ही फिर से मनमानी शुरू हो गई।
इस बीच हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उन चार पेट्रोल पंप संचालकों पर भी केस दर्ज हुआ है, जहां लगभग एक माह पूर्व चेकिंग के दौरान घटतौली मिली थी। भाजपा नेता पूर्वमंत्री अनिल तिवारी की पत्नी विद्यावती तिवारी के पेट्रोल पंप पर घटतौली मिलने पर अलीगंज में तथा अंशुमान फीलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी मिलने के चलते रमापति पांडेय के विरुद्ध अलीगंज में केस दर्ज कराया गया है। मेहरोत्रा ब्रदर्स के मालिक योगेंद्र मेहरोत्रा के विरुद्ध टांडा में तथा जलालपुर में पेट्रोल पंप मालिक राजेश मिश्र के विरुद्ध घटतौली को लेकर केस दर्ज हुए हैं। केस दर्ज होने के बाद आक्रोशित पेट्रोल पंप संचालकों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीएम अखिलेश सिंह से मुलाकात भी की थी।
उधर, जिलापूर्ति अधिकारी नीलेश उत्पल ने बताया कि जिले में कुल 59 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से 58 की जांच हो चुकी है। गड़बड़ी मिलने के कारण चार के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। आलापुर में एक पेट्रोल पंप बंद मिलने के कारण संबंधित संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि गड़बड़ी को लेकर चार पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है। फिलहाल उनका लाइसेंस निरस्त करने का पत्र नहीं भेजा गया है। आगे इस पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।