बारिश का कहर, छप्पर ढहने से ग्रामीण की मौत
अंबेडकरनगर। कई दिनों से हो रही बारिश के बीच अकबरपुर थाना क्षेत्र के कोड़रा गांव में छप्पर ढह जाने से सोते समय एक ग्रामीण की मौत हो गई। जबकि एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। वृद्ध का स्थानीय स्तर पर ही इलाज चल रहा है। दोनों के परिवारों में रोना-पिटना मचा हुआ है। सूचना मिलने पर अकबरपुर कोतवाली पुलिस गांव पहुंची लेकिन परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
कभी तेज तो कभी धीमे हो रही बारिश के चलते कच्ची दीवार व छप्पर आदि ढहने का दौर शुरू हो गया है। आमतौर पर ऐसी परिस्थिति में इस तरह की घटना पिछले कई वर्षों से सामने आ रही है। ताजा मामला अकबरपुर थाना क्षेत्र के कोड़रा गांव का है। गांव निवासी रामचंदर वर्मा (52) अपने मूल घर के बगल ही एक छप्पर में चाय-पानी की दुकान करते थे। इसी में उन्होंने सिंचाई के लिए ट्यूबवेल भी लगा रखा है। बताया जाता है कि प्रतिदिन की तरह घर से खाना खाकर आने के बाद रामचंदर छप्पर के नीचे रखे तख्ते पर सो रहे थे। इसी दौरान गांव निवासी झिनकन वर्मा (70) भी वहां आ गए। वे अपने खेत की सिंचाई करने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक चली सिंचाई के बाद वे भी वहां पड़ी एक चारपाई पर सो गए। आधी रात के बाद डेढ़ बजे के करीब छप्पर अचानक ढह गया। इससे वहां सो रहे रामचंदर व झिनकन मलबे की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर परिवारीजन व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाना शुरू किया। जब तक दोनों को बाहर निकाला जाता, रामचंदर की मौत हो चुकी थी। उसके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। उधर, छप्पर के नीचे लगे ट्यूबवेल के ठीक बगल चारपाई लगी होने के चलते झिनकन को ज्यादा चोट नहीं आई। सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक छानबीन की। रामचंदर के परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उधर झिनकन का स्थानीय स्तर पर ही इलाज कराया जा रहा है। गौरतलब है कि लगभग ढाई वर्ष पूर्व भी दुकान का छप्पर ढह गया था। इसमें रामचंदर बाल-बाल बच गए थे लेकिन इस बार उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।