कनेक्शन के बाद लोग नहीं ले रहे गैस
उज्ज्वला रसोई गैस योजना का हाल, 28 हजार उपभोक्ताओं ने लिया है कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। उज्ज्वला योजना के तहत जिले की 37 गैस एजेंसियों से 28 हजार लोगों ने रसोई गैस कनेक्शन ले रखा है। 14 हजार से अधिक लोगोें ने कनेक्शन लेने के बाद से दोबारा सिलेंडर में गैस ही नहीं भराया। आर्थिक तंगी या फिर गैस सिलेंडर का दाम अधिक होने के चलते ही ज्यादातर लोगों ने गैस नहीं भरवाया। ऐसे घरों में एक बार फिर से खाना बनाने के लिए पारंपरिक चूल्हे का प्रयोग किया जाना शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के घरों तक रसोई गैस चूल्हा पहुंच सके और चूल्हे पर खाना बनाने से राहत मिले, इसके लिए केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना चलाए जाने की घोषणा की। बीपीएल कार्डधारकों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए जाने का निर्देश दिया गया। यह अलग बात है कि अकबरपुर नगर से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में स्थित विभिन्न कंपनियों की गैस एजेंसियों द्वारा योजना के तहत कनेक्शन के नाम पर डेढ़ हजार रुपये से तीन हजार रुपये तक की उगाही की गई। शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। चूल्हे पर खाना न बने और रसाई गैस का अधिक से अधिक प्रयोग हो सके, सरकार की यह मंशा जिले में पूरी होती नहीं दिख रही।
उज्ज्वला योजना का कितना लाभ संबंधित उपभोक्ताओं द्वारा उठाया जा रहा, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की 37 गैस एजेंसियों से योजना के तहत 28 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ले रखा है। आंकड़ों के अनुसार लगभग प्रत्येक एजेंसी से जुड़े 350 से 400 उपभोक्ता दोबारा गैस भरवाने आए ही नहीं। इस प्रकार लगभग 50 प्रतिशत अर्थात साढ़े 14 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने दोबारा गैस नहीं भरवाया। इसके पीछे मुख्य कारण आर्थिक तंगी या फिर गैस का दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ना बताया जा रहा है। ऐसे में एक बार फिर से संबंधित उपभोक्ताओं के घरों में पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनना शुरू हो गया है।
अकबरपुर नगर के मीरानपुर निवासिनी केवला देवी ने कहा कि पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक योजना के तहत कनेक्शन नहीं मिल सका। इसके लिए कई बार आवेदन भी किया। अहिराना निवासिनी अनीता देवी ने कहा कि बीपीएल सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें कनेक्शन नहीं मिल सका। संबंधित एजेंसी में कई बार आवेदन भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बनगांव रोड निवासिनी सीमा ने कहा कि योजना के तहत उन्हें कनेक्शन नहीं मिल सका। ऐसे में उन्हें पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। पुरसावां निवासिनी मंजू ने कहा कि पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल सका है। इसके लिए आवेदन भी किया था लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी।
योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन तो ले लिया गया लेकिन दोबारा गैस भराने की हिम्मत तमाम उपभोक्ता नहीं जुटा पा रहे। मालीपुर रोड स्थित एचपी गैस एजेंसी के संचालक डॉ. हिमांशु ने बताया कि लगभग 1500 उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के तहत हैं। इनमें से लगभग साढ़े पांच सौ उपभोक्ता दोबारा गैस भराने के लिए नहीं आए। हालांकि इन्हें इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। अकबरपुर नगर स्थित बाबा गैस एजेंसी में 2400 उपभोक्ता योजना के तहत हैं। यहां 400 से अधिक उपभोक्ता दोबारा गैस भराने नहीं पहुंचे। हीरा गैस एजेंसी हंसवर के संचालक डॉ. शिवशंकर ने बताया कि योजना के तहत 1200 कनेक्शन है लेकिन साढ़े तीन सौ उपभोक्ताओं ने दोबारा गैस नहीं भरवाया। भारत गैस एजेंसी मंगुराडिला के कर्मचारी बब्लू ने बताया कि कुल 2800 कनेक्शन हैं। इनमें से ढाई सौ उपभोक्ता दोबारा नहीं आए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सरोज कुमार ने बताया कि उज्ज्वला योजना से जुड़े लगभग 28 हजार उपभोक्ता जिले में हैं। प्रत्येक एजेंसी पर औसतन चार सौ उपभोक्ता नहीं पहुंच रहे हैं।