अंबेडकरनगर। जिले के 148 गावों में विकास कार्यों को पंख लगेंगे। अनुसूचित जाति बहुल इन गांवों में पीएम आदर्श ग्रामीण योजना के तहत शिक्षा, साफ-सफाई, आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य विकास कार्यों को बेहतर किया जाएगा। प्रत्येक चयनित गांव को केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इन ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना का सर्वेक्षण प्रारंभ हो गया है।
गांवों में शहर जैसा माहौल लाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की कोशिशें जारी हैं। गांवों को संपर्क मार्ग द्वारा शहरी क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है तो शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने के साथ जलभराव व कुपोषण जैसी समस्याओं को निस्तारित करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पीएम आदर्श ग्रामीण योजना के तहत 148 गावों में विकास को गति प्रदान करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
गौरतलब है कि 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति वाले गांवों को पीएम आदर्श ग्रामीण योजना के तहत जोड़ा गया है। इसके तहत वर्ष 2021-22 के लिए 73 गांव जबकि 2022-23 के लिए 75 गांव को चयनित किया गया है।
समाज कल्याण विभाग कार्यालय के अनुसार विकास खंड अकबरपुर के 14, बसखारी के 16, भीटी के पांच, भियांव के 11, जहांगीरगंज के 18, जलालपुर के 31, कटेहरी के आठ, रामनगर के 18 व टांडा के 27 गांव योजना में शामिल किए गए हैं।
चयनित गांवों में स्थित परिषदीय विद्यालय में यदि चारदीवारी नहीं है तो उसका निर्माण कराया जाएगा। कक्षा में टाइल्स के अलावा परिसर में शौचालय, रैंप आदि के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं हैं, वहां उनका निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत विकास संबंधी अन्य काम भी कराए जाएंगे।
चयनित सभी गांवों में सर्वे शुरू हो गया है। इसी के साथ प्रत्येक परिवार का सर्वेक्षण फाॅर्म भी भरवाया जाएगा। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले व न पढ़ने वाले बच्चों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा नियमित टीकाकरण, सभी प्रकार की पेंशन, खाद, बीज व सरकार की अन्य योजनाओं का पूरा विवरण भी सर्वेक्षण फाॅर्म में भरा जाएगा। इसके साथ ही परिवार की जरूरतों को भी अंकित किया जाएगा।
योजना के तहत चयनित प्रत्येक गांव को 20 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि विकास कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। इस राशि का प्रयोग ग्राम पंचायत में कार्ययोजना तैयार होने के बाद आवश्यक कार्य के लिए किया जा सकेगा।
-राकेश रमण, समाज कल्याण अधिकारी