अंबेडकरनगर। शासन की सख्ती के बावजूद हड़ताल पर डटे लेखपालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र में रिपोर्ट लगाने में लापरवाही बरतने के मामले में लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष समेत 12 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। जलालपुर में भी पांच लेखपालों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शासन की सख्ती के बावजूद लेखपाल हड़ताल पर डटे हुए हैं। इससे आय, निवास व जाति प्रमाणपत्र का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। इसके अलावा अन्य कई कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों की समस्या व रिपोर्ट लगाने में बरती जा रही लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने अब लेखपालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
एसडीएम सदर अभिषेक पाठक ने अकबरपुर तहसील संगठन मंत्री रामशेष वर्मा व उमापति उपाध्याय को निलंबित कर दिया। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र में लापरवाही के मामले में एसडीएम भीटी देवीदयाल वर्मा ने जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे, तहसील अध्यक्ष मोहम्मद सलीम व संगठन मंत्री राजेश को निलंबित कर दिया।
आलापुर एसडीएम भरतलाल सरोज ने बताया कि रामसिधार, अनिल वर्मा, रमेश कननौजिया, मनोहरलाल मौर्य व त्रिपुरारीलाल नायक को लापरवाही बरते जाने पर निलंबित कर दिया। टांडा तहसीलदार के अनुसार एसडीएम एमपी सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल जयदेव पाण्डेय व सुभाष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जलालपुर एसडीएम धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पांच पदाधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई तैयार की जा रही है। उधर, लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने निलंबन की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से लेखपाल अपने कदम पीछे हटाने वाले नहीं हैं।