जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। दोनों तहसील क्षेत्र के डेंगू से पीड़ित कुल 11 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। गौरतलब है कि जिले में डेंगू से 10 लोगों की जान जा चुकी है। इसे देखते हुए लोगों में दहशत है। ऐसे हालात में बीमारी पर नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की लापरवाही से लोगों में रोष है।
डेंगू को लेकर आम लोगों की चिंता दूर नहीं हो पा रही है। कारण यह कि इस रोग से पीड़ित होने का क्रम लगातार जारी है। अलग-अलग क्षेत्रों के तमाम लोग डेंगू से पीड़ित होकर या तो अस्पतालों में भर्ती हैं या फिर घर लौट कर इलाज करा रहे हैं।
इस रोग को लेकर जहां एक तरफ आमलोगों के बीच चिंता व्याप्त होने लगी है, वहीं स्वास्थ्य महकमा व प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारी से बचता नजर आ रहा है। हालात ये हैं कि इन दिनों 11 लोग डेंगू रोग से पीड़ित होकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार सपा नेता कसीम अशरफ भी डेंगू से पीड़ित हैं।
उनका लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा हैै। वहीं, सकरावल पूरब निवासी फैजान अहमद, मुस्तफा, जैनब, मिंटू, राफिया अंजुम व बिल्कीस तथा मुमताजगंज निवासी मेराज अहमद व अब्दुल रशीद भी डेंगू से पीड़ित हैं।
उनका उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में चल रहा है। सिटकहां निवासी रसूल (48) भी डेंगू से पीड़ित हैं और एक निजी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवा रहे हैं। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के रफीगंज निवासी सुग्रीव डेंगू से पीड़ित हैं। वे इलाज कराने भाई के पास दिल्ली चले गए और वहां एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
इनके अलावा हाजीपुर निवासी पियूष वर्मा, मसूदपुर निवासी संगीता, गोमती, विजयशंकर वर्मा, महमदपुर निवासी सुरजीत व जलालपुर निवासी अनिल मिश्र व जितेंद्र कुमार भी डेंगू से पीड़ित हैं। ये सभी लोग इस समय तो किसी अस्पताल में भर्ती नहीं हैं लेकिन उनका इलाज चल रहा है।
अपर सीएमओ डॉ. जीआर चंद्रा ने बताया कि डेंगू को लेकर लोगों को आवश्यक जानकारियां लगातार विभिन्न माध्यमों से दी जा रही है। जिला अस्पताल में जांच की सुविधा तथा मेडिकल कॉलेज में भर्ती व जांच, दोनों की सुविधा उपलब्ध है। लोगों को बुखार होने पर परेशान होने के बजाय तत्काल इसका उपचार सुनिश्चित करना चाहिए।