अंबेडकरनगर। विदेश में रोजगार दिलाने का सपना दिखाकर युवक से 1.05 लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। कोर्ट के आदेश पर टांडा कोतवाली में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
देवहट (बलुआ) निवासी रामजनम के मुताबिक वह दिल्ली में मजदूरी करते थे। वहीं उनकी मुलाकात अलीगंज के जमालापुर निवासी विजय कुमार से हुई। विजय ने अर्मेनिया में अच्छी सैलरी पर रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया और उनकी पहचान सुल्तानपुर जिले के खौदा दुल्हापुर निवासी रामजनम से कराई। उन्हें भरोसा दिलाया कि उसके संपर्क से उन्हें अर्मेनिया भेजा जाएगा। इसके बाद अपने साथी महेंद्र प्रताप चौहान व संतराम चौहान का हवाला देकर वीजा उपलब्ध कराने की बात कही। आरोप है कि तीनों ने मिलकर एक लाख पांच हजार रुपये ले लिए। इसमें से 50 हजार रुपये नकद संतराम चौहान को दिए गए। शेष रकम कई किस्तों में महेंद्र प्रताप चौहान के बैंक खाते में जमा कराई गई। भुगतान के बाद उन्हें पासपोर्ट व वीजा उपलब्ध कराया गया। निर्धारित तिथि पर रामजनम मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, तो पता चला कि वीजा फर्जी है।
पीड़ित का आरोप है कि उस दिन अन्य लोगों को भी इसी प्रकार फर्जी वीजा और टिकट देकर धोखाधड़ी की गई थी। आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। टांडा कोतवाली में शिकायत के बाद भी केस दर्ज न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि प्रकरण की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।