जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को भर्ती सांप के काटने के मरीज।संवाद
अंबेडकरनगर। बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन सांपों का काटने का खतरा बढ़ गया है। खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने के कारण सांप सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। इसी वजह से जिले में सांप के काटने के मामले सामने आने लगे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सांप काटने के शिकार 10 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
अकबरपुर के लालचंद (25) व सरिता (39), बसखारी की अंकिता (25), जलालपुर की नेहा देवी (23) को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कटरिया याकूबपुर की रानी पांडेय (19) और अहिरौली की लक्ष्मी (65) को भी सांप ने काट लिया। बरधा भिउरा के कमलेश (38) और खानूपुर की उर्मिला देवी (48), महरुआ के त्रिभुवन (35), हरिनाथपुर की अंबालिका (12) को सांप के काटने के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक एसके विश्वास ने बताया कि सभी मरीजों को एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की डोज दी गई है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
झांड़-फूंक में न पड़ें, तत्काल पहुंचे अस्पताल
जिला अस्पताल के चिकित्सक योगेश वर्मा ने सर्पदंश के बाद घबराने से मना किया है। उन्होंने मरीज को शांत रखने और काटे गए अंग को स्थिर रखने की सलाह दी। अंग को ज्यादा हिलाने से बचने के लिए भी कहा गया है। कहा कि सांप काटने के स्थान पर चीरा लगाना या जहर निकालने का प्रयास, रस्सी या कपड़े से कसकर बांधना भी नुकसान पहुंचा सकता है। चिकित्सक ने झाड़-फूंक में समय न गंवाने की बात कही। कहा कि सांप के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। इससे समय पर एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार किया जा सकेगा।