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प्रयागराज : सीएम योगी के हाथों आवास की चाबी मिलने पर रो पड़ीं जाहिदा, बोलीं- सीएम ने साकार किया सपना

Fri, 30 Jun 2023 06:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सीएम योगी के हाथ आवास की चाबी मिलने के बाद दरियाबाद की रहने वाली जाहिदा फातिमा अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उनका कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें अपना घर मिल गया है। सीएम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं।
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जाहिदा फातिमा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लूकरगंज में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से खाली कराई गई भूमि पर बनाए गए 76 आवासों का आवंटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लीडर रोड प्रेस मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में किया। सीएम के हाथ से आवास की चाबी मिलने पर कई गरीबों के मानों सपने सच होते दिखे। आवास की चाबी मिलने पर कई लाभार्थियों के आंखों से आंसू छलक आए। लाभार्थियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। कहा कि जितनी भी शुक्रिया अदा की जाए वह कम है।

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सीएम योगी के हाथ से आवास की चाबी मिलने के बाद दरियाबाद की रहने वाली जाहिदा फातिमा अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उनका कहना था कि उनका परिवार काफी गरीब और पिता अब्बास ई रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालते हैं। कहा कि हम लोग गरीबी से जूझते हुए आए हैं। उन्हें उनका घर मिल गया है यह उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति जितना आभार जताया जाए कम है। सीएम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। 

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गरीबों को मिला आशियाना : कोई कथा सुनकर करेगा गृहप्रवेश, तो किसी के जीवन का पूरा हुआ सपना

माफिया अतीक अहमद से लूकरगंज में खाली कराई जमीन पर तैयार हुए 76 फ्लैट पाने वालों की खुशी देखते ही बन रही है। क्योंकि इनका बरसों पुराना सपना सच हो गया है। शुक्रवार को सीएम ने लाभार्थियों को आवास की चाबी सौंपी।

रामबाग में मलाकराज इलाके में सालों से किराये पर रहने वाली मधु देवी को भी पहली बार अपने घर में रहने का सुख मिला। उनकी बेटी तनु बताती हैं कि उनके ननिहाल और ददिहाल में किसी के पास अपना अपना मकान या जमीन नहीं है। यह पहली बार है कि उनके सिर पर अपने घर की छत होगी। इस खुशी को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। मधुदेवी ने बताया कि चाबी मिलने के सत्यनारायण भगवान की कथा सुनेंगे और गृहप्रवेश करेंगे।
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60 वर्षीय संगीता श्रीवास्तव बताती है कि कभी सोचा नहीं था कि उम्र के इस पड़ाव में खुद के घर का सपना पूरा हो पाएगा। छोटा-मोटा काम करने पति-पत्नी अपना घर चलाते हैं, ऐसे में अपना मकान हो जाने से बड़ा सहारा मिल गया है।

कैंट इलाके में किराये पर रहने वाली नीरजा देवी के पति हरीश चंद्रा बताते है कि उनको तो भरोसा ही नहीं था कि किस्मत इतना साथ देगी। एक दुकान में काम करने वाले हरीश के परिवार में चार लोग हैं। इस कमाई में खुद का घर बनाने की सोच भी नहीं सकते थे। जब तक जीवन रहेगा, याेगी सरकार को हमेशा याद रखेंगे। जो हम जैसे लोगों को भी घर का मालिक बना दिया।

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