हालांकि महिला ने एफआईआर नहीं दर्ज कराई। देर रात मां पुष्पा मिलने पहुंची तो पुलिस वालों ने कहा कि घंटे भर बात उसे छोड़ दिया जाएगा, लेकिन उसे नहीं छोड़ा गया। धारा 151 में लोकेश का चालान कर दिया गया। बृहस्पतिवार को दारागंज क्षेत्र अलग अलग घटनाओं में कुल सात लोगों को धारा 151 में पकड़ा गया था। दोपहर में लोकेश समेत सातों आरोपियों का कोविड टेस्ट कराया गया।
इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्रा के मुताबिक इसके बाद सभी को मेडिकल के लिए बेली ले जाया गया। यहीं पर लोकेश की तबियत ज्यादा खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद घर वालों को सूचना दी। घर में कोहराम मच गया। पिता शिव कुमार और मां पुष्पा फूट फूटकर रोने लगे। वे बेटे का शव दिखाने के लिए पुलिस वालों से हाथ पैर जोड़ने लगे।
पता लगते ही मोहल्ले में भारी भीड़ जमा हो गई। घर वाले और मोहल्ले वाले पुलिस पर ही आरोप लगा रहे थे। पिता शिवकुमार ने रोते हुए कहा कि पुलिस वाले जवान बेटे को सही सलामत ले गए थे। उसे कोई बीमारी नहीं थी। बिना बेटे की लाश देखे हुए वह क्या कह सकते हैं।
महिला की शिकायत पर पुलिस थाने लाई थी : एसपी सिटी
एसपी सिटी संतोष कुमार मीणा ने बताया कि दारागंज के मीरागली की रहने वाली एक महिला ने लोकेश के खिलाफ शराब पीकर गाली गलौज और अभद्रता की शिकायत की थी। इसके बाद उसे थाने लाया गया था। उसके खिलाफ धारा 151 की कार्रवाई की गई थी। अदालत में पेश करने से पहले उसका कोविड टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए बेली ले जाया गया। यहीं लोकेश की तबियत खराब हुई और उसकी मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिता का आरोप, छोड़ने के लिए पांच हजार की रिश्वत मांगी थी सिपाही ने
लोकेश के पिता शिवकुमार शर्मा ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि बुधवार की रात एक सिपाही ने उनसे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। सिपाही ने कहा था कि पांच हजार रुपये दे दो तो लोकेश को छोड़ दिया जाएगा। शिवकुमार ने उस समय कहा था कि वह गरीब आदमी हैं। उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। इतना ही नहीं लोकेश की मां पुष्पा देवी देर रात अपने बड़े बेटे घनश्याम के साथ लोकेश को कंबल और चाय देने थाने गईं थीं। उनसे भी हजार रुपये की मांग की गई थी।