। मेजा के बंधवा गांव निवासी लवकुश कुमार पुष्कर ने पुलिस को बताया कि उसकी माला-फूल की दुकान है। आरोप है कि मेजा रोड पांती गांव निवासी उमेश सिंह ने उसे ठेकेदारी में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच देकर उसके नाम से एक फर्म बनवाई। सिविल लाइंस स्थित उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाता खुलवाया।
बाद में उसकी मुलाकात रवि सिंह से कराई गई। रवि ने पार्टनरशिप डीड तैयार करने के नाम पर दस्तावेज अपने पास रख लिए। कुछ दिन बाद उसे लखनऊ बुलाया गया, जहां रवि की जगह चार अन्य लोग मिले। आरोप है कि जब उसने पार्टनरशिप डीड पर हस्ताक्षर करने से इन्कार किया तो आरोपियों ने सिम, आधार और अन्य दस्तावेज लेकर धमकी दी।
घर लौटने के बाद बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर उसे पता चला कि खाते से कई बार लेन-देन हुए हैं। उसे इस लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। मामले में साइबर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।