दुष्कर्म और हत्या के मामले में जेल से जमानत पर छूटे युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह परिजनों ने शव देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची फूलपुर पुलिस ने जांच पड़ताल की। युवक सात साल बाद जमानत पर चार माह पहले ही छूटकर आया था।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के कुतुबपट्टी उर्फ अहियापुर गांव का रहने वाला प्रमोद गुप्ता (35) मंगलवार शाम भोजन कर घर से कुछ दूरी पर बने कमरे में सोने चला गया। सुबह जब काफी देर तक वह घर नहीं आया तो परिजन परेशान हो उठे। वहां जाकर देखा तो पंखे के चुल्ले के सहारे उसका शव फंदे पर लटक रहा था। जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर इंस्पेक्टर फूलपुर दीनदयाल सिंह मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक करीब सात साल पहले कानपुर में अपने रिश्तेदार की बेटी से दुष्कर्म के बाद हत्या कर उसने शव घर के अंदर बाक्स में छिपा दिया था। इस मामले में युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया था। करीब सात साल कानपुर सेंट्रल जेल में बंद रहने के बाद चार महीने पहले वह जमानत पर छूटकर आया था। इधर, वह काफी परेशान रहता था। मंगलवार रात वह अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।