गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान की प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. रेवा सिंह का कहना है कि जॉब सिक्योरिटी के चक्कर में उच्च शिक्षित प्रोफेशनल सरकारी नौकरी के नाम पर आवेदन तो कर रहे हैं परंतु नौकरी के मिलने के बाद उन्हें वहां संतुष्टि नहीं मिलेगी। वह नौकरी छोड़कर जा भी सकते हैं और रहते हैं तो वह मैट्रिक पास साथी कर्मचारी केसाथ काम करने में हीन भावना से ग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि बीटेक, एमसीए सहित उच्च शिक्षित प्रोफेशनल को नौकरी नहीं मिल रही है, ऐसे में युवा निराश न होते हुए अपने स्तर की नौकरी के लिए ही दावेदारी करें तो कैरियर में आगे उन्नति होगी। इसका एक उदाहरण यह है कि नौकरी की स्थिरता को ध्यान में रखकर बड़ी संख्या में बीटेक, एमबीए करने वाले बाद में बीटीसी पूरा करके प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बन गए।
एमटीएस की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ यूपी बोर्ड, सीबीएसई एवं देश के अन्य बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट जारी हो जाने से भारी संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है। एमटीएस के लिए देश देश भर में 39 लाख से अधिक आवेदन आए हैं, जो पिछले वर्ष से पांच लाख अधिक है। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से केंद्र सरकार के कार्यालयों में मल्टी टास्किंग स्टॉफ (चतुर्थ श्रेणी) केलिए आवेदन करने वालों में एमबीए, बीटेक, बीटीसी करने के बाद नौकरी की तलाश करने वाले युवा शामिल हैं।
टीजीटी के 404 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे जबकि 380 पद बैचवाइज भरे जाएंगे।
आयोग की ओर से मल्टी टॉस्किंग स्टॉफ के लिए लगभग 10 हजार पदों की घोषणा की गई है। आयोग की ओर से इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 22 अप्रैल से शुरू होकर 29 मई को पूरी हुई। आयोग ने पहली बार एमटीएस के पदों को भरने केलिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष के बीच होने के चलते हाल में ही दसवीं पास करने वाले बड़ी संख्या में छात्रों और इसी वर्ष बीटेक, एमबीए करने वाले युवाओं ने भारी संख्या में आवेदन किया है।