नमामि गंगे अभियान का प्रभाव दिखने लगा है। पहले गंगा से बदबू आती है लेकिन, अब मोक्षदायिनी अविरल और निर्मल हुईं हैं। नैनी में बुधवार को गंगा यात्रा के स्वागत सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सब नमामि गंगे अभियान से संभव हुआ है। मां गंगा और अधिक स्वच्छ एवं अविरल होंगी। यह यात्रा इसी दिशा में शुरू प्रयास का हिस्सा है।
संबोधन से पहले मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, जिले के प्रभारी एवं जन शक्ति मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी समेत अनेक मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में नैनी स्थित युनाइटेड इंजीनियरिंग कालेज परिसर में गंगा यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान जनमानस में मां गंगा के प्रति दायित्व और आस्था देखने को मिली। दो यात्राएं बिजनौर और बलिया से शुरू हुईं, जो कानपुर तक जाएंगी। भारतीय परंपरा, आस्था और अर्थ गंगा को जोड़ते हुए यह यात्रा शुरू की गई है। यात्रा का हजारों-हजारों लोग स्वागत कर रहे हैं। ‘मैं आह्वान करता हूं कि आप सभी यात्रा का हिस्सा बनकर मां गंगा की अविरलता में योगदान दें।’
गंगा के महत्व के साथ ही मुख्यमंत्री ने कुंभ की भव्यता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संगम के तट पर कुंभ में 25 लोगों ने स्नान किया। इसमें पूरी दुनिया ने गंगा की निर्मलता को देखा है। जब भी दुनिया में सबसे बड़े आयोजन और भीड़ नियंत्रण की बात होगी कुंभ का सबसे पहले जिक्र होगा। ऐसे आयोजनों में स्वच्छता की बात हो या कमांड कंट्रोल की कुंभ को याद किया जाएगा। स्वतंत्रत देव सिंह, यात्रा की अगुवाई कर जल शक्ति मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने गंगा की अविरला का संकल्प दिलाया। सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, केशरी देवी पटेल, डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रूद्राक्ष का पौधा देकर मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। संचालन प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।
संतों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिर्जापुर में मां विंध्यावासिनी मंदिर में पूजन और गंगा यात्रा के स्वागत के बाद दिन में करीब साढ़े चार बजे ही प्रयागराज पहुंच गए। उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा। वहां से वह सर्किट हाउस गए। संशोधित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को सर्किट हाउस से सीधे नैनी में आयोजित सभा में शामिल होना था लेकिन, गंगा यात्रा करीब पौने सात बजे पहुंची। ऐसे में इससे पहले उन्होंने संगम जाकर संतों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री शंकराचार्य निश्चलानंद, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, महंत नृत्यगोपाल, सतुआ बाबा में शिविर में गए और संतों से मिले। सतुआ बाबा ने सर्किट हाउस में भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री दोबारा संगम गए और गंगा आरती में शामिल हुए। यहां उन्होंने सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी भी ली। उन्हें उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के परेड स्थित पंडाल में सांस्कृतिक आयोजन में भी शामिल होना था लेकिन रात अधिक होने की वजह से वह सीधे सर्किट हाउस पहुंच गए और रात्रि वहीं रुके। अन्य मंत्री तथा गंगा यात्रा के सदस्य भी सर्किट हाउस में रुके।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश पर साधा निशाना
गंगा यात्रा के स्वागत सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। गंगा यात्रा पर सवाल उठाने वाली अखिलेश की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। योगी ने कहा कि जिन्हें भारतीय परंपरा और अध्यात्मिक शक्ति का ज्ञान नहीं है, वही यात्रा पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जिन्होंने देश की कीमत पर राजनीति की हो, जिनकी भाषा देश के दुश्मनों की भाषा जैसी हो, वह गंगा यात्रा के महत्व को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कुंभ 2013 के आयोजन के दौरान हुए हादसे को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री पर हमला बोला।