prayagraj news : आनंद गिरी।
- फोटो : prayagraj
स्वामी आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए सीएम को पत्र सोमवार की सुबह भेजा। इसमें आनंद गिरि ने आशीष गिरि की हत्या के पीछे मांडा में अखाड़े की बेशकमती जमीन बेचने का विरोध बताया है। स्वामी आनंद गिरि ने पत्र में लिखा है कि मांडा में अखाड़े की जमीन बहुत बड़ा हिस्सा 35 करोड़ रुपये में भाजपा के एक नेता के हाथ बेच दिया गया था। इस जमीन से मिली रकम में से 24 करोड़ रुपये ही अखाड़े को दिखा कर आशीष गिरि के खिलाफ पहले कार्रवाई करने की धमकी दी गई। बाद में उनकी हत्या करवाकर अपनी ताकत से उस केस को आत्महत्या में तब्दील करवा दिया गया।
महंत नरेंद्र गिरि व महंत रवींद्र पुरी ने आश्रम में घुसने नहीं दिया।
स्वामी आनंद गिरि ने अमर उजाला को बताया कि महंत आशीष गिरि की हत्या की जानकारी मिलते ही वह आश्रम पहुंच गए थे, लेकिन वहां पहले से मौजूद उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि और रवींद्र पुरी ने उन्हें आश्रम में प्रवेश ही नहीं करने दिया। आनंद गिरि का कहना है कि उनको यह कहकर वहां से हटा दिया गया कि तुम जाकर समाधि लगाने की व्यवस्था करो, यहां का काम सब हो जाएगा। इसके बाद महंत आशीष गिरि के परिवार के लोगों का फोन आता रहा और लोग पूछते रहे कि उनके बेटे को क्या हुआ है? तब उन्हें सिर्फ इतना ही बताया जा सका था कि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं और उनके शरीर को समाधि दी जा रही है। उनके परिवार को लोग उनका अंतिम समय चेहरा तक नहीं देख पाए थे। वहीं इस मामले में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का पक्ष जानने के लिए उनके फोन पर कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीब नहीं की।
आनंद गिरि को भी मिली धमकियां, सीएम करें प्राणों की रक्षा
अखाड़े से निष्कासित योग गुरु आनंद गिरि ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि तीन साल पहले गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए आशीष गिरि की तरह ही अब उन्हें भी धमकियां मिल रही हैं। आनंद गिरि ने पत्र में लिखा है कि वह हरिद्वार में बसने की नीयत से हरिद्वार में एक छोटा सा आश्रम बनवा रहे थेे, ताकि वह इन सब विवादों से दूर रह सकें। लेकिन वहां के अधिकारियों को फोन कर उनका आश्रम सीज करवा दिया गया। उन्हें बहुत भय लग रहा है कि उनकी भी हत्या आशीष गिरि की तरह ही न कर दी जाए और फिर उस केस को आत्महत्या दर्शाया दिया जाएगा। स्वामी आनंद गिरि ने सीएम से कहा है कि वह उनके प्राणों की रक्षा करें। उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि का बहुत बड़ा रसूख है और वह अधिकारियों को मिलाकर उनके खिलाफ कुछ भी करवा सकते हैं।