कछार में बसे लोगों को एक बार फिर बाढ़ का खतरा सता रहा है। यमुना नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी से प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है। सोमवार सुबह आठ से रात आठ बजे के बीच (12 घंटे में) यमुना के जलस्तर में 183 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी वजह से गंगा में दबाव भी बढ़ गया है और जलस्तर में प्रति घंटा पांच सेमी से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यमुना में तेज बढ़ोतरी का सिलसिला रविवार को ही शुरू हो गया और सोमवार को इसकी गति खतरनाक रूप अख्तियार कर ली। सिंचाई विभाग की रविवार रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर 79.57 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं सोमवार रात आठ बजे 81.80 मीटर हो गया।
यानी 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में 2.23 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज करी गई। रात में करीब 17.50 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा था। गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है लेकिन दिन में 12 बजे तक इसकी रफ्तार कम थी।
रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा के जलस्तर में भी चार घंटे में 22 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुश्किल यह कि आगे भी आसार अच्छे नहीं बताए जा रहे हैं। यमुना के साथ बेतवा भी उफान पर है। चंबल में भी छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है।
इसके अलावा टोंस नदी में भी पानी का दबाव बना हुआ है। इससे स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और आगे यमुना के जलस्तर में तेज गति से बढ़ोतरी के आसार हैं। हालांकि राहत की बात इतनी जरूर है कि गंगा नदी में फिलहाल ऊपर से पानी नहीं छोड़े जाने की बात कही जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश कुमार सिंह का कहना है कि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में बारिश जारी है। यमुना के साथ बेतवा में तेज गति से जलस्तर बढ़ रहा है। टोंस का भी दबाव बना हुआ है जिससे पानी तेज गति से निकल नहीं पा रहा। यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। हालांकि कुछ दिनों पहले आई बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनेगी। मंगलवार सुबह तक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रयाग के लोगों को डरा रही पहाड़ों पर तबाही वाली बारिश
सोमवार शाम से गंगा के जलस्तर में भी तेज बढ़ोतरी शुरू हो गई। हालांकि, इसकी वजह टोंस नदी के दबाव एवं यमुना के बैक फ्लो करने को माना जा रहा है। अफसरों का कहना है कि करछना के पनासा गांव के पास गंगा में मिलने वाली टोंस नदी भी उफान पर है। इसकी वजह से पानी तेजी से निकल नहीं पा रहा और गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश जारी है। पहाड़ों की ज्यादातर नदियां तेज रफ्तार से बह रही हैं। ऐसे में गंगा में भी तेजी से पानी आने के आसार हैं। पहाड़ों में हुई बारिश का पानी प्रयागराज आने तक यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी जारी रही तो स्थिति फिर खतरनाक होगी।
अलर्ट किए गए अफसर और विभाग
नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ननै सोमवार को अलर्ट जारी किया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनिता सिंह का कहना है कि चंबल में धौलपुर से 23 अगस्त से ही 6,15,338 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बघाड़ा तथा बाढ़ संभावित अन्य क्षेत्रों में मुनादी करवाई जा रही है। बाढ़ राहत शिविर भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार रात आठ बजे जलस्तर
नैनी में यमुना नदी - 81.80 मीटर (बढ़ोतरी प्रति घंटा 17.50 सेमी)
फाफामऊ में गंगा नदी - 79.70 मीटर (बढ़ोतरी प्रति घंटा 5.50 सेमी)
छतनाग में गंगा नदी - 80.85 मीटर (बढ़ोतरी प्रति घंटा 15.00 सेमी)
बख्शी बांध एसटीपी - 81.80 मीटर (बढ़ोतरी प्रति घंटा 9.50 सेमी)