बंगलूरू से आए वैज्ञानिकों ने मेला क्षेत्र के प्रसाधनों के लिए ऐसा घोल तैयार किया है जिससे शौचालयों और मुत्रालयों में दुर्गन्ध नहीं होगी। सेक्टर 3 स्थित स्वास्थ्य शिविर के प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी ने बताया कि हाइड्रोजन पाराक्साइड एवं ओजोन से बना हुआ सेनीटाइज सॉल्यूशन प्रतिदिन शौचालय और मूत्रालय में डाला जाता है जिससे संक्रमित होने से बचा जा सकेगा और किसी तरह की दुर्गन्ध नहीं उत्पन्न नहीं होगी।
वहीं स्वच्छता पर्यवेक्षक विरेन्द्र ने बताया कि यह घोल हर 24 घंटे के अंतराल में डाला जाता है। आगे उन्होंने बताया कि मेले को स्वच्छ बनाए रखने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। 20 सेक्टरों में 36 स्वच्छता शिविर स्थापित किए गए हैं। हर सेक्टर के लिए कम्पेटर गाड़ियां , टिपर ( कूड़ा उठाने वाली गाड़ी) आदि की व्यवस्था की गई है। आपको बता दें कि 1 कम्पेटर की क्षमता 26 टन कूड़ा ले जाने की है ।