वैसे हेपेटाइटिस का अधिक खतरा स्वास्थ्यकर्मियों, एक से अधिक से यौन संबंध स्थापित करने वालों, इंजेक्शन से नशा, संक्रमण से प्रभावित व्यक्तियों सहित ज्यादा एल्कोहल का उपयोग करने वालों को हो सकता है। हर वर्ष दुनियाभर में दस करोड़ लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं।
हालांकि कई वैक्सीन से हेपेटाइटिस को ठीक किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर मां को हेपेटाइटिस है तो उससे जन्मे बच्चे को बारह घंटे के भीतर एंटीबाडीज का टीका लगाने पर वह इस बीमारी की चपेट मं आने से बच जाता है।
खतरनाक है शराब का सेवन
शराब का सेवन लीवर के लिए सबसे अधिक खतरनाक माना गया है। इसके सेवन से क्रोनिक हेपेटाइटिस बी या हेपेटाइटिस सी से गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। वायरस लिवर को प्रभावित करता है, इसलिए लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर और लिवर फेलियर हो सकता है। इससे ब्लीडिंग डिसऑर्डर और किडनी भी खराब हो सकती है।
दूषित खान-पान, इंजेक्शन वाले नशे, असुरक्षित यौन संबंध तथा अल्कोहल के इस्तेमाल से लोगों को बचना चाहिए। एक बार हेपेटाइटिस की चपेट में आने के बाद इलाज पर बहुत ध्यान देना पड़ता है। - डॉ.डीके मिश्रा, फिजीशियन