गर्भवती महिलाओं में हाई बीपी के लक्षण
1-सिरदर्द।
2-धुंधली दृष्टि।
3-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
4-अचानक वजन बढ़ना।
5-शरीर में सूजन।
6-चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई या मतली।
क्या है उपाय
1-फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें। नमक और चीनी का सेवन सीमित करें।
2-डॉक्टर की सलाह से व्यायाम करें, जैसे कि चलना, तैरना या योग।
3- रात में 7-8 घंटे की नींद लें।
4-तनाव कम करने के लिए ध्यान, योग या गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें।
5-नमक का सेवन कम करें।
6-भरपूर तरल पदार्थ का सेवन करें।
7-रोजाना शारीरिक गतिविधि करें।
8-शराब और स्मोकिंग से बचें।
गर्भधारण के दौरान 140 हो अधिकतम बीपी
गर्भधारण के दौरान महिलाओं का बीपी अधिकतम 140 और न्यूनतम 90 से कम होना चाहिए। इसके अलावा सीवियर बीपी अधिकतम 160 व न्यूनतम 110 होना चाहिए।
गर्भधारण के दौरान शुरुआती दौर में बीपी की जांच जरूरी है। जानकारी देर से होने पर जच्चा-बच्चा का जीवन खतरे में पड़ सकता है। - डॉ. अमृता चौरसिया, विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।