बीएसएम पीजी कालेज में नृत्य करती छात्राएं
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गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को विविध कलाओं में हुनरमंद बनाने के मकसद से बीस दिनी ग्रीष्मकालीन बाल कार्यशाला शनिवार से शुरू हुई। सांस्कृतिक केंद्र की ओर से अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में सोलह कलारूपों की कार्यशालाओं में तकरीबन साढ़े पांच सौ बच्चे हुनरमंद बनेंगे।
केंद्र परिसर की दस कार्यशालाओं के तहत लोकनृत्य में सुप्रिया रावत, वॉल पेंटिंग, चित्रकला, मूर्ति कला में अंबरीश मिश्र, कथक में प्रियंवदा एवं कम्युनिकेशन स्किल कार्यशाला में फराह नाज प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। इसी तरह लोकगीत का रेनू राज सिंह, समकालीन नाटक का ऋतिका अवस्थी, तथा सतीश चंद्रा, योग एवं एरोबिक का विविध थापा और लोकनाट्य का प्रशिक्षण शशिकांत शर्मा दे रहे हैं।
इसके अतिरिक्त साउथ मलाका स्थित प्रयाग महिला विद्यापीठ में डाक्यूमेंट्री एनिमेशन और ब्लू बेल स्कूल करेली तथा पुरुषोत्तम सिंह इंटर कालेज में लोकनृत्यों की कार्यशालाएं आरंभ हुई हैं। सभी कार्यशालाओं की समन्वयक डॉ.दीप्ति योगेश्वर हैं। आरंभ में केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने प्रतिभागियों से सभी प्रशिक्षकों का परिचय कराया। साथ ही अभिभावकों का स्वागत एवं उनके प्रति आभार ज्ञापित किया। सभी कार्यशालाओं का ग्रैंड रिहर्सल 14 जून और ग्रैंड फिनाले15 जून को होगा।