राजापुर की गलियों से थिएटर का सफर शुरू करने वाले 35 वर्षीय अभिनेता असगर अली अब बड़े पर्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। दो अक्तूबर को रिलीज हुई अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दृश्यम 3’ में असगर अजय देवगन के पैनल में शामिल एडवोकेट के किरदार में हैं।
प्रयागराज आए अभिनेता असगर अली ने अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी से खास बातचीत में फिल्म में काम करने से लेकर थिएटर के सफर और अभिनय के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए अभिनय की इंटर्नशिप जैसा था। संवाद
सवाल - ‘दृश्यम 3’ तक पहुंचने का मौका कैसे मिला?
जवाब - मुंबई जाने के करीब दो महीने बाद मुझे एडवोकेट के किरदार के लिए ऑडिशन मिला। उस समय मुझे पता ही नहीं था कि यह ऑडिशन ‘दृश्यम 3’ के लिए है। संयोग से मेरे पास वकील की पोशाक थी। उसी में ऑडिशन रिकॉर्ड करके भेज दिया।
सवाल - फिल्म में आपका किरदार क्या है?
जवाब - मैं अजय देवगन के पैनल में शामिल एडवोकेट के रूप में हूं। कोर्ट रूम के कई सीक्वेंस में मेरी मौजूदगी है। कोर्ट से जुड़े सीक्वेंस करीब 20 मिनट के हैं।
सवाल - अजय देवगन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब - अजय देवगन, तब्बू, प्रकाश राज, रजत कपूर, श्रेया शरण और इशिता दत्ता जैसे कलाकारों को करीब से देखना अपने आप में बड़ी सीख थी। अजय से सेट पर रोज सामान्य ग्रीटिंग होती थी। रजत कपूर और दूसरे कलाकारों से भी बातचीत हुई।
सवाल - अभिनय की शुरुआत कब हुई?
जवाब - वर्ष 2008 में थिएटर से शुरुआत की। 2012-13 में पहली फिल्म ‘इश्क समंदर’ में काम किया। इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के त्रिपुरा सेंटर में चयन हुआ। ‘सावधान इंडिया’ और दूसरे छोटे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। वर्ष 2015 में अपना थिएटर ग्रुप ‘बुनियाद फाउंडेशन’ शुरू किया।
सवाल - नए कलाकारों को क्या संदेश देंगे?
जवाब - रील्स और एक्टिंग में बहुत फर्क है। सिर्फ दो-चार शो या रील करने से अभिनय में पहचान बनाना मुश्किल है। प्रशिक्षण और लगातार मेहनत जरूरी है। थिएटर कलाकार को लंबे समय तक खुद को तराशने का मौका देता है।