नगर पंचायत मऊआइमा में 1984 में खतौनी गायब हो गई थी। भू अभिलेख न होने पर सरकारी जमीनों और भूमिधरी के मालिकों की जमीन माफियाओं की ओर से औने पौने में बेची जा रही थी। बता दें कि नगर पंचायत मऊआइमा में दो किस्म की जमीन है। आबादी का रिकाॅर्ड और खसरा नगर पंचायत में मौजूद है परन्तु आराजी का कागजात गायब है। अधिकारियों के आदेश पर राजस्व टीम गठित की गई। जिसमें लेखपाल राज कुमार सागर, अवनीश पांडेय, कानून गो प्यारे लाल, मोहम्मद वारिस ने नगर पंचायत मऊआइमा के पुराने नक्शों से जांच शुरू कर दी।