अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बुधवार को विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं की ओर से विविधतापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं की मौजूदा स्थितियों की पड़ताल की गई। साथ ही उनके हक के लिए हुंकार भरी गई।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन देकर जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग की गई। विश्व महिला सुरक्षा सेना की ओर से तृप्ति श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। सहायता मित्र मंडली की ओर से कैंडल मार्च निकालकर महिलाओं की स्थिति को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया गया। इंशा संस्था की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सीख दी गई।
राजापुर में प्रदीप श्रीवास्तव की देखरेख में कामगार महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्रगतिशील महिला संगठन, प्रयाग महिला कल्याण मंडल एवं जागृति लेडीज क्लब और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन आदि संस्थाओं की ओर से भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभा, गोष्ठियों के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की गई।
संस्था मंजिल की ओर से अलोपीबाग मलिन बस्ती में महिलाओं के अधिकारों पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। वहीं समाजसेवी सुनील चौधरी ने महिला दिवस को शर्मसार दिवस के रूप में मनाया।
प्रीता, आभा, उर्वशी को ‘नारी शक्ति सम्मान’
इलाहाबाद। भयहरणनाथ धाम क्षेत्रीय विकास संस्थान की ओर से साहित्य के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रीता वाजपेयी, आभा श्रीवास्तव और उर्वशी को ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा गया। संयोजन समाजशेखर और संचालन शैलेंद्र मधुर ने किया।