प्रयागराज। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट में महिला छात्रावास परिसर में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार को हटाने और ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की है। आयोग को ठेकेदार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण अभिलेखीय साक्ष्य भी मिले हैं। इसके साथ ही आयोग ने महिला छात्रावास परिसर स्थित हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को हटाने की सिफारिश की है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह की शिकायत को सही पाया है। आयोग की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि ठेकेदार संजय कपूर ने नियमों का उल्लंघन करते हुए शाम छह बजे के बाद ही हॉस्टल में निर्माण कार्य कराया। इस नियम को वर्षों से उल्लंघन किया जा रहा था। आयोग की जांच कमेटी ने जब छात्राओं के बयान दर्ज किए तो पाया कि छात्राएं हॉस्टल में खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। ठेकेदार के लोग छात्राओं पर कमेंट करते हैं।
आयोग की जांच कमेटी ने सिफारिश की है कि ठेकेदार संजय कपूर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए। साथ ही महिला छात्रावास परिसर में इस तरह की अवैध गतिविधियों को तत्काल रोका जाए। कमेटी के पास ऐसी अवैध गतिविधियों से संबंधित अभिलेखीय साक्ष्य एवं फोटोग्राफ भी हैं। ठेकेदार के साथ महिला आयोग के निशाने पर हॉस्टल की अधीक्षिकाएं भी हैं, जिन्हें आयोग ने हटाए जाने की संस्तुति की है।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हॉस्टलों की अधीक्षिकाएं अपने यहां की छात्राओं के नाम भी ठीक से नहीं जानती हैं। आयोग के संज्ञान में आया है कि अधीक्षिकाओं ने छात्राओं को आयोग के सामने मुंह न खोलने की धमकी दी थी और उनसे कहा था कि आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई तो हॉस्टल से बर्खास्त कर दिया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्राओं के साथ हिटलर जैसा व्यवहार किया जाता है। आयोग ने अधीक्षिकाओं को तत्काल बदलने की संस्तुति की है।
टीम के लौटने के बाद भी थी आयोग की नजर
इविवि के महिला छात्रावास परिसर में पिछले साल 10 दिसंबर को जांच करने आई राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के यहां से लौटने के बाद भी आयोग की हॉस्टल में चल रही गतिविधियों पर नजर थी। आयोग की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि जांच के बाद यह संज्ञान में आया कि शिकायत करने वाली छात्राओं को बाद में धमकियां दी गईं। साथ ही इविवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन में हॉस्टल की छात्राओं के शामिल न होने के लिए एक नोटिस भी जारी किया गया।
छात्रावास परिसर मेें श्ुरू हुई साफ-सफाई
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास परिसर में छात्राओं की मांग पर शनिवार से साफ-सफाई का काम भी शुरू हो गया। साथ ही रोशनी की उचित व्यवस्था के लिए हाईमास्ट की मरम्मत का काम भी शुरू करा दिया गया। छात्राओं का कहना है कि कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र के निर्देश पर छात्राओं की समस्याओं को हल करने की यह पहल सराहनीय है। इसके लिए छात्राओं ने कार्यवाह कुलपति को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
ऋचा के शोध विस्तार की प्रक्रिया शुरू
महिला आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि शिकायतकर्ता ऋचा सिंह को बिना परेशान किए इविवि प्रशासन उनकी डिग्री प्रदान करे। हालांकि कार्यवाहक कुलपति ने विकास अध्ययन केंद्र को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि जल्द ही डॉक्टोरल प्रोग्राम कमेटी की बैठक बुलाकर ऋचा के शोध अवधि विस्तार पर आवश्यक निर्णय लिया जाए। ऋचा इसी केंद्र से शोध कर रही हैं।