रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को शहर से दूरदराज के क्षेत्रों को जाने वाली और वापस आने वाली रोडवेज की सभी बसें खचाखच भरी नजर आई। शहर के भीतर झूंसी, नैनी, फाफामऊ और सिविल लाइंस जाने वाले मार्गों पर ई-बसों में भी महिला यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को शहर से दूरदराज के क्षेत्रों को जाने वाली और वापस आने वाली रोडवेज की सभी बसें खचाखच भरी नजर आई। शहर के भीतर झूंसी, नैनी, फाफामऊ और सिविल लाइंस जाने वाले मार्गों पर ई-बसों में भी महिला यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
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रोडवेज और ई-बसों में सवार सभी महिलाएं और उनके सहयोगी किराये के बचत की बात करते हुए बसों में खुशी-खुशी सवार हो गए लेकिन बसों में अधिक भीड़ के कारण गंतव्य तक पहुंचने में सारी खुशियां खर्च हो गई। विद्या वाहिनी बस स्टेशन पर सुबह लोगों की भीड़ के बाद दोपहर में थोड़ी राहत रही लेकिन शाम होते ही एक बार फिर से बस अड्डे पर भीड़ बढ़ गई।
इसके पूर्व बृहस्पतिवार को प्रयागराज रीजन की रोडवेज बसों से करीब 55 हजार बहनों ने अपने एक सहयोगी के साथ निशुल्क यात्रा की। इसके अलावा शहर में संचालित 50 ई-बसों में भी दिनभर महिलाओं का तांता लगा रहा। सिटी बसों से कुल 10,600 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें से 8,315 अकेली महिला यात्री थीं। पर्व के दौरान पहली बार चलाई गई डबल डेकर बस ने भी शहरवासियों को आकर्षित किया जिसके ट्रायल के तौर पर करीब 90 महिलाओं ने सिविल लाइंस से अलोपीबाग और अलोपीबाग से पत्थर गिरजाघर तक मुफ्त सैर का आनंद लिया।
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हालांकि, इस दौरान हुई बारिश ने यात्रियों की मुश्किलें जरूर बढ़ा दीं। विद्या वाहिनी मैदान में बनाए गए अस्थायी बस अड्डे का पूरा परिसर कीचड़ से सन गया और दोपहर की बारिश के बाद सड़कों पर भी पानी जमा हो गया। हालात यह थे कि यात्रियों को इसी कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरकर अपनी बसें पकड़नी पड़ीं।