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सीएए का विरोध : धरने से हटने को नहीं मानी महिलाएं, लौटे एसपी

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प्रयागराज। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में महिलाओं का धरना 10वें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। धरना स्थल पर पहुंचे एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने उनसे आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचा दी जाएगी, लेकिन महिलाएं पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुईं। इसके बाद एसपी सिटी वापस हो गए, लेकिन इस दौरान तनाव बना रहा।
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धरना के समर्थन में महिलाओं और छात्राओं के जुलूस के आने का क्रम देर रात तक जारी रहा। विभिन्न संगठन के लोग भी आंदोलन का हिस्सा बने। नागरिक समाज की ओर से सीएए, एनआरसी के विरोध में पर्चे भी बांटे गए। संयोजक ओडी सिंह ने आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाए जाने तथा कार्रवाई की तीखी आलोचना की। दिल्ली से आईं समाजसेवी मीना ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। शायर असलम इलाहाबादी, समकालीन जनपद के प्रधान संपादक रामजी राय, पिछड़ा आयोग की पूर्व सदस्य निर्मला आदि ने सीएए और एनआरसी को संविधान के विपरीत बताया। भाकपा माले न्यू डेमोक्रेटिक डॉ. आशीष मित्तल, सायरा, नेहा यादव, सपा की मंजू, सै. मो. अस्करी, कांग्रेस के इरशाद उल्ला, एआईएमआईएम के शाहआलम, डॉ. कमल उसरी, सुनील मौर्या, सै.मो.साहब, अतीक इब्राहिम, तस्लीम उद्दीन, वकार रिजवी व अफसर महमूद आदि ने सरकार पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया।
धरना स्थल पर ही हुआ हवन
प्रयागराज। धरना स्थल पर मंगलवार को हवन-पूजन हुआ। इसमें शामिल संतों और कल्पवासियों ने संकल्प की पूर्ति के लिए यज्ञ किया। इसके माध्यम से सीएए के विरोध में एकजुटता तथा धार्मिक सद्भावना का संदेश देने की भी कोशिश की गई। हवन पूजन कमल कांत त्रिपाठी ने कराया। कल्पवास कर रहे संतोषानंद महाराज का कहना था कि यह कानून धार्मिक रूप से मतभेद पैदा करता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने सीएए को वापस लिए जाने की मांग की। हवन करने वालों में नारायण ब्रह्मचारी, सुरेंद्रानंद, राघवेंद्राचार्य, गोपालानंद ब्रह्मचारी, मध्य प्रदेश के उदासीन महाराज, सुधाकार महाराज, श्याम सुंदर महाराज आदि शामिल रहे। बुधवार को समर्थन में ईसाई धर्म गुरु धरना स्थल पर पहुंचेंगे। हालांकि, धरना की अगुवाई करने वाले अभी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
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सीएए के विरोध में निकाला कैंडल मार्च
सीएए, एनआरसी के विरोध में महिलाओं ने शाहगंज से मंसूर अली पार्क तक कैंडल मार्च निकाला। मार्च में शामिल महिलाएं हमें चाहिए एनआरसी से आजादी जैसे नारे लगाते हुए चल रहीं थीं। इनके अलावा दरियाबाद से भी महिलाओं ने जुलूस निकाला और धरना में शामिल हुईं। जुलूस में शामिल महिलाएं तिरंगा और हाथ में तख्तियां लिए हुए थीं। दोनों जुलूस रात में एक साथ धरना स्थल पर पहुंचे। इसी प्रकार बहादुरगंज, हटिया, मिनहाजपुर, अकबरपुर आदि स्थानों से भी महिलाओं ने जुलूस निकाला और धरने में शामिल हुईं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर, फिर आगे रणनीति
प्रयागराज। सीएए पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई संभावित है। मंसूर अली पार्क में धरना दे रही महिलाओं की इस सुनवाई पर नजर है। इसे लेकर मंगलवार को दिन भर चर्चा होती रही। आंदोलन की अगुवाई कर रहीं महिलाओं-छात्राओं तथा अलग-अलग संगठन के नेताओं का कहना था कि न्यायालय के फैसले पर आंदोलन की दिशा तय होगी।
कुछ भी बोलने की छूट नहीं
धरने के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग मंसूर आली पार्क पहुंच रहे हैं। इसमें विभिन्न संगठन के पदाधिकारी, नेता, समाजसेवी, साहित्कार आदि शामिल हैं, लेकिन इन्हें कुछ भी बोलने की छूट नहीं है। धरना स्थल पर सख्त हिदायत है कि कोई उकसाऊ भाषण नहीं देगा। राजनीतिक बयानबाजी भी नहीं करेगा। यहां तक कि सरकार के खिलाफ तो बोला जाएगा, लेकिन भाजपा को लेकर टिप्पणी से बचने का संदेश दिया गया है। इसे सुनिश्चित करने के लिए हर वक्ता से पहले ही पूछ लिया जा रहा है कि वे क्या बोलेंगे।
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सड़क पर लिखा नो सीएए, प्रशासन ने मिटवाया
0 मंसूर अली पार्क के आसपास की सड़कों पर युवाओं ने नो सीएए, नो एनआरसी लिख दिया। हालांकि, प्रशासन इलेक्ट्रानिक मशीन से उन्हें मिटवा दिया। इसके बाद युवकों ने आसपास के घरों पर इसे लिखकर विरोध दर्ज कराया।

Women did not accept to go out of the strike, returned SP- फोटो : CITY DESK

Women did not accept to go out of the strike, returned SP- फोटो : CITY DESK

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