छिंवकी स्टेशन पर बृहस्पतिवार को महिला ने अपने दुधमुंहे बच्चे को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। यह देख बेटे को बचाने के लिए पिता भी ट्रेने से नीचे कूद गया और फिर मासूम की जान बच सकी। जानकारी पर जीआरपी व आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंचे। लेकिन पति ने किसी तरह की शिकायत नहीं की। गनीमत रही कि मासूम को हल्की चोट ही आईं और वह सुरक्षित है।
मिर्जापुर के पड़री थाना निवासी शिवम सिंह बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी अंशू देवी व एक साल के बेटे अभिनव सिंह के साथ जनता एक्सप्रेस से मुुंबई जा रहा था। वह ट्रेन के बी-2 कोच में सफर कर रहा था। ट्रेन करीब पौने आठ बजे छिंवकी स्टेशन पर पहुंची, तभी किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया। इसके बाद जैसे ही ट्रेन चली, वैसे ही अंशू ने बेटे को प्लेटफार्म के दूसरी साइड में फेंक दिया। यह देखकर कोच में बैठे यात्री स्तब्ध रह गए। उधर बेटे को बचाने के लिए शिवम ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी और ट्रैक से मासूम को उठाकर गले लगा लिया।
तब तक ट्रेन काफी आगे निकल चुकी थी। जानकारी पर आरपीएफ व जीआरपी मौके पर पहुंची और कंट्रोल रूम में सूचना दी। जिसके बाद अंशू को सतना स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार लिया गया। गनीमत रही कि जिस वक्त घटना हुई, रेलवे ट्रैक पर कोई दूसरी ट्रेन नहीं आ रही थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जीआरपी प्रभारी राकेश कुमार राय ने बताया कि अंशू मानसिक रूप से कमजोर है और उसका इलाज चल रहा है। शिवम मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है और कोरोना संक्रमण काल के दौरान वह अपने घर आया हुआ था।