यह सुनकर इंस्पेक्टर महेश सिंह मौके पर पहुंचे तो उसके घर के सामने ग्रामीणों का मजमा लगा था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने रामगोपाल प्रजापति को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र महेश सिंह का कहना है कि हत्या के पीछे घरेलू कलह सामने आई है। ससुर और बहु में अक्सर विवाद होता रहता था। आज विवाद ज्यादा बढ़ गया और रामगोपाल ने सब्बल मार दिया। सिर में चोट लगने से सीमा की मौत हो गई।
रामगोपाल बहु की हत्या के बाद सीधा थाने पहुंचा और पुलिस वालों से बोला कि ‘ए साहेब! हम अपने पतोहिया का मार के कमरा म बंद कर दिहे अही, ऊ मर गय है साहेब। हमका गिरिफ्तार कई लेई साहेब।’ पुलिस वालों ने पहले सोचा कि वह मानसिक रूप से गड़बड़ है लेकिन, उसने फिर कहा कि ‘अरे हम सही कहत बाटेन साहेब। चला घरवा चलिके देख लेय साहेब।’ तब जाकर पुलिस वाले थोड़ा सशंकित हुए। जब उसके गांव पहुंचे तो वहां मजमा लगा हुआ था।
पति अस्पताल में कर रहा था पत्नी का इंतजार, आई मौत की सूचना
रामपुर स्थित अस्पताल में भर्ती श्याम बाबू के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा चार बच्चे हैं। वह सुबह खाने का इंतजार कर रहा था। तभी उसे पता चला कि पिता ने ही सीमा को मार डाला। आपरेशन होने की वजह से वह चलने फिरने में असमर्थ था। वह अस्पताल में ही दहाड़े मारकर रोने लगा। अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों एवं स्टाफ को पता चला तो लोगों ने उसे ढांढस बंधाया। उधर उसके चारों बच्चे शिवम, छोटू, खुशबू और अंकुश घर में मां की खून से सनी लाश देकर बिलखने लगे।