फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना तलाक लिए दूसरे के साथ रहने वाली मां भी बच्चे की अभिरक्षा पाने की हकदार: इलाहाबाद हाइकोर्ट

Tue, 05 Jan 2021 01:13 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई महिला यदि बिना तलाक लिए दूसरे व्यक्ति के साथ रहने लगती है तब भी उसे उसके बच्चे की अभिरक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता है। बिना तलाक लिए महिला का किसी और के साथ रहना कानून और समाज की नजर में गलत हो सकता है मगर इससे एक मां का उसके बच्चे के जीवन में विशेष स्थान कम नहीं किया जा सकता है। 
विज्ञापन


मां को उसके बच्चे से अलग करना बच्चे के विकास में गलत असर डाल सकता है। कानपुर के राम कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने दिया। याची का कहना था कि उसकी पत्नी संयोगिता ने बिना तलाक लिए दूसरे व्यक्ति के साथ रहना शुरू कर दिया है इसलिए उसे अब उनके बेटे अनमोल की अभिरक्षा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। 

नए घर में बच्चे का जीवन सुरक्षित नहीं होगा इसलिए उसके पिता को उसकी अभिरक्षा दी जाए। जबकि मां संयोगिता का कहना था कि याची एक अच्छा पिता नहीं है और वह अक्सर क्रूरता का व्यवहार करता है, जिसके कारण उसने उसका घर छोड़ दिया और दूसरे के साथ रहने लगी। 
विज्ञापन


हालांकि कोर्ट ने पिता को दो महीने में एक बार बच्चे से मिलने की छूट दी है। बच्चे की मां संयोगिता को निर्देश दिया है कि वह हर दो महीने में किसी एक रविवार को उसके पिता से मिलाने कानपुर ले जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें