कैंट में जालसाजी का ऐसा मामला सामने आया जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। यहां मुुंबई में रहने वाली तस्लीम अख्तर के नाम पर फर्जी खाता खोला गया। फर्जी खाते के लिए उसी नाम की एक अन्य महिला का आधार कार्ड लगाया गया। इसके बाद तस्लीम बनाकर महिला को बैंक में लाकर 20 लाख का भुगतान करा लिया गया। पुलिस लेडी नटवरलाल समेत गिरोह के छह लोगों की तलाश में जुटी है।
मामला दो साल पहले का है जब कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। बेली गांव निवासी हसीन अहमद ने जमीन के नाम पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी में तस्लीम अख्तर, उसके पति शोएब अहमद, विपिन कुमार, सैयद जैद, हसीन अहमद और मुर्शता पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि तस्लीम व उसके पति शोएब ने अपनी सिविल लाइंस स्थित जमीन के लिए रकम ली लेकिन रजिस्ट्री नहीं की और रुपये हड़प कर गए। विवेचना के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, पता चला कि भूस्वामिनी तस्लीम मुंबई में है और उन्होंने न ही किसी जमीन का सौदा तय किया, न किसी से रकम ली। बैंक में पड़ताल पर पता चला कि उनके नाम से जमीन बिक्री के रुपये लेकर जिस खाते में डलवाए गए, वह फर्जी था।
खाता खोलवाने के लिए भी बम्हरौली निवासी तस्लीम नाम की एक अन्य महिला का आधार लगाया गया, जिसकी जानकारी उसे भी नहीं। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल से पता चला कि जिस महिला ने तस्लीम बनकर बैंक पहुंचकर रुपये खाते से निकाले, वह कोई अन्य थी। यही नहीं जमीन की डील में बिचौलिया विपिन भी फर्जी निकला, जिसका असली नाम महेंद्र पटेल है। इसके बाद से पुलिस लेडी नटवरलाल समेत अन्य की तलाश में जुटी है। उधर कैंट पुलिस का कहना है कि मामले में बैंककर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। क्योंकि आधार कार्ड के सत्यापन में भी गलती हुई। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है।