उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम तो घोषित कर दिया लेकिन मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर अब तक जारी नहीं किया। मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के पास तकरीबन ढाई माह का समय है लेकिन इस पर मुख्य परीक्षा आईएएस की तर्ज पर बदले पैटर्न पर होगी। ऐसे में बिना मॉडल पेपर अभ्यर्थियों की तैयारी प्रभावित होगी।
पीसीएस-2018 से मुख्य परीक्षा अब संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तर्ज पर आयोजित की जाएगी। ऐसे में पीसीएस के पुराने एवं नए अभ्यर्थियों को अब परंपरागत पेपर से हटकर नए सिरे से तैयारी करनी है। आयोग ने यह तो बता दिया कि परीक्षा नए पैटर्न पर होगी लेकिन इसका नया स्वरूप कैसा होगा, अभ्यर्थियों को यह मालूम ही नहीं। अभ्यर्थी लगतार मांग कर रहे हैं कि मॉडल पेपर जारी किया जाए। उनका कहना है कि सिर्फ यह कह देने से काम नहीं चलेगा कि आईएएस की तर्ज पर तैयारी की जाए।
आयोग ने जब वर्ष 2012 में सीसैट लागू होने पर प्रारंभिक परीक्षा का मॉडल पेपर जारी किया था तो मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर जारी करने से क्यों कतरा रहा है। अभ्यर्थियों को आशंका है कि नए पैटर्न पर मुख्य परीक्षा के आयोजन को लेकर आयोग के स्तर से ही तैयारी अधूरी है और इसी वजह से आयोग मॉडल पेपर जारी करने से कतरा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आईएएस की परीक्षा में जीएस का पेपर 250 अंकों को होता है जबकि पीसीएस में 200 अंकों का होता है। किस सवाल के जवाब को कितने शब्दों में लिखना है, यह भी स्पष्ट नहीं है।
आयोग ने पदों की संख्या भी बढ़ा दी है। विज्ञापन 831 पदों पर भर्ती के लिए जारी किया गया था और प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आते-आते पदों की संख्या बढ़कर 988 हो गई। ऐसे में अभ्यर्थी चाहते हैं कि बेहतर तैयारी के साथ पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल हों। भ्रष्टाचार मुक्त मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह का कहना है कि आयोग मॉडल पेपर जारी करना चाहिए, वरना अभ्यर्थियों की तैयारी प्रभावित होगी। अगर आयोग मॉडल पेपर नहीं देता है तो प्रतियोगी छात्र आंदोलन करेेंगे।