पहले मैदान था जुआरियों का अड्डा, देसी बमों का होता था परीक्षण
एसके सिंह बताते हैं कि यह मैदान जुआरियों का अड्डा हुआ करता था, यहीं पर देसी बम की टेस्टिंग होती थी। लेकिन जब से हमनेे पहल शुरू की, धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में खुद को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती हो गई है ,क्योंकि हम शुद्ध हवा पानी के अभाव में जी रहे हैं। हर साल लाखों पेड़ लगाए जा रहे हैं लेकिन बचे कितने हैं यह सोचने की बात है। इसलिए भले ही पेड़ न लगाएं, लेकिन पेड़ बचाने की जिम्मेदारी सभी की होनी चाहिए तब जाकर स्वस्थ होने की बात कर सकते हैं।
जहां पहले जुआरियों का अड्डा हुआ करता था आज शिवाजी पार्क है। इसका पूरा श्रेय जज साहब को जाता है। सुबह शाम पार्क में आने वालों का तांता लगा रहता है।
- तेजप्रताप सिंह, मम्फोर्डगंज
हर मोहल्ले में एक ऐसा ही पार्क होना चाहिए। जिसमें सुबह शाम लोग जाकर सुकून के पल बिताने के साथ ही स्वस्थ रहने के लिए कसरत, योग कर सकें।
- कृष्णकुमार शर्मा, मम्फोर्डगंज