आरपीएफ और जीआरपी की अनदेखी से बढ़े अवैध वेंडरों ने सोमवार को पवन एक्सप्रेस में जमकर उत्पात मचाया। ट्रेन में चाय और नाश्ता बेच रहे पेंट्री कार मैनेजर और वेंडरों को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। एक वेंडर को घसीट कर ले जाने की भी कोशिश की गई। आरोप है कि जीआरपी जैसी लाठी लेकर ट्रेन पर धावा बोलने वाले अवैध वेंडरों ने एक वेंडर की जेब से 55 सौ रुपये भी निकाल ले गए। इस रूट पर अवैध वेंडरों के आतंक का हाल यह है कि मारपीट से घायल कर्मचारियों ने इस भय से रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई कि उनके साथ दुबारा मारपीट की जाएगी।
मानिकपुर से लेकर छिवकी स्टेशन के बीच अवैध वेंडरों की भरमार है। कोई भी ट्रेन हो, आरपीएफ और जीआरपी के सामने छिवकी स्टेशन पर चेन पुलिंग कर वेंडर ट्रेनों में घुस जाते हैं। बताते हैं कि मुंबई से आ रही पवन एक्सप्रेस में शंकरगढ़ से अवैध वेंडरों का झुंड कोचों में घुस गया। अवैध वेंडरों ने पेंट्रीकार के वेंडरों को कोचों में चाय, पानी, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स, कॉफी बेचने से मना किया। कहासुनी हुई। इसके बाद अवैध वेंडरों ने पेंट्रीकार के वेंडरों की पिटाई शुरू कर दी। कोचों में घूम-घूमकर पेंट्रीकार वेंडरों को ढूंढ कर पीटा। इसके बाद मैनेजर मनोज कुमार को तलाशते हुए पेंट्रीकार में भी घुस गए। मनोज को बुरी तरह लाठी-डंडों से पीटा। नैनी आउटर पर ट्रेन रुकी तो अवैध वेंडरों ने पेंट्रीकार पर पथराव भी किया। सुबह करीब 11.15 बजे इलाहाबाद जंक्शन पहुंची ट्रेन तो वेंडरों और पेंट्रीकार मैनेजर ने आपबीती सुनाई। बताया, वेंडर आनंद कुमार की जेब से रुपये निकाले गए। वेंडर भीम सिंह को पीटा गया।