इलाके के भूईपारा गांव में रविवार सुबह 11 बजे एक युवती घर में फांसी लगाकर जान दे दी। ससुरालियों की मानें तो लॉकडाउन में गुजरात में फंसे पति के घर न लौट पाने की वजह से युवती आत्महत्या कर ली जबकि मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया।
बगहा (सिरसा) के कृष्णाकांत यादव ने अपनी बेटी प्रीति यादव (26) की शादी वर्ष 2015 में भूईपारा निवासी दुर्गेश यादव के साथ की थी। दुर्गेश राजकोट (गुजरात) में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। प्रीति यादव को एक बेटी श्रृष्टि (3) और आठ माह का एक बेटा है। ससुरालियों का कहना है कि लॉक डाउन में पति दुर्गेश घर नहीं आ पा रहा था जिस वजह से प्रीति काफी परेशान रहती थी।
रविवार सुबह ससुरालीजन घर से कुछ दूरी पर गेहूं की कटाई करने चले गए थे तभी प्रीति कमरे को अंदर से बंद कर पंखे में रस्सी डालकर फांसी के फंदे पर झूल गई। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कुछ देर में ससुरालीजन खेत से लौटे तो खिड़की से देखे तो प्रीति की बेजान जिस्म पंखे में लटक रहा था।
अड़ोस-पड़ोस के लोग किसी तरह से प्रीति यादव की लाश नीचे उतारा। मौके पर पहुंचे जेवनिया चौकी इंचार्ज सुशील दूबे ने घटना की जानकारी लेते हुए लाश को चीरघर भेज दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दिया है। घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है। मौके पर सीओ नवीन नायक भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली है।
लाश को चीरघर भेज दिया गया। मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है। कार्रवाई की जा रही है।
नवीन नायक क्षेत्राधिकारी मेजा।