ऑनलाइन बैंकिंग के दौर में अब ग्राहकों को पैसा जमा करने, निकालने और पासबुक में इंट्री के लिए बैंकों के काउंटर पर लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। सभी राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों की ओर से अब ग्राहकों की सुविधा के लिए पैसा निकालने के लिए ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम), नकद जमा करने के लिए कैश डिपाजिट मशीन (सीडीएम), बैंक में एक पटल से दूसरे पटल पर जाने के झंझट से मुक्ति के साथ चेक जमा करने के लिए अब इलेक्ट्रानिक चेक ड्राप बाक्स (ईसीडीबी), पासबुक अपडेट करने के लिए भी मशीन है।
एसबीआई त्रिवेणी शाखा की सहायक महाप्रबंधक संगीता सहाय अस्थाना कहती हैं, बैंकों ने ग्राहकों के पासबुक में लेन-देन दर्ज करने के लिए बैंक के बाहर ही एटीएम के पास पासबुक प्रिंटिंग मशीन लगाई है। बैंकों ने इससे भी आगे बढ़कर एक ही मशीन कैश रिसाइक्लर के जरिए जमा एवं निकासी दोनों प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई है। बैंक की ओर से ग्राहकों की सुविधा के लिए लगाई गई यह मशीन अब बैंक के भीतर गए बिना ही अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा देती हैं। बैंकों की ओर से आरटीजीएस और एनआईएफटी के जरिए ऑनलाइन लेन-देन पूरा किया जा सकता है।
एटीएम-ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) ग्राहकों को यह सुविधाएं मामूली शुल्क पर सभी राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंक उपलब्ध करा रहे हैं। शहरों तक सिमटा एटीएम अब गांव के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचकर ग्राहकों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। अब ग्राहक देर-सबेर कभी एटीएम से पैसा निकालकर आसानी से अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं।
सीडीएम- कैश डिपाजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए ग्राहक अपने खाते के प्रयोग से एटीएम-अर्थात डेविड कार्ड केजरिए पैसा जमा कर सकते हैं। सीडीएम के जरिए पैसा जमा करना पेपर लेस होता है। इसमें अधिकतम 49,900 रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसमें ग्राहक 200 करेंसी नोट एक बार में जमा कर सकता है। सीडीएम 1000, 500 एवं 100 रुपये के ही नोट स्वीकार करेगा। वर्तमान समय में बैंक की ओर से दी गई यह सुविधा नि:शुल्क है।
ईसीडीबी- ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकों ने इलेक्ट्रानिक चेक ड्राप बाक्स (ईसीडीबी) की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके जरिए अब ग्राहकों को चेक पर्ची भरकर सीधे ईसीडीबी में बारी-बारी से पहले चेक और बाद में चेक पर्ची डालनी होती है। ग्राहक को तत्काल अपने चेक की रीसिविंग मिल जाएगी। गलत तरीके से चेक डाले जाने की स्थिति में मशीन उसे वापस भी कर देती है। इसमें चेक का माइकर कोड ऑटोमेटिक तरीके से पढ़ लिया जाता है।
पासबुक प्रिंटिंग मशीन- बैंकों ने ग्राहकों के पासबुक में लेन-देन दर्ज करने के लिए बैंक के बाहर ही एटीएम के पास पासबुक प्रिंटिंग मशीन लगा दी है। इसके जरिए ग्राहक बिना बैंक कर्मचारी के पास गए ही अपने द्वारा पासबुक में एंट्री कर सकता है। पास बुक को मशीन में लगाते ही यह इसको रीड करके पूरी जानकारी एंट्री कर देता है। इस व्यवस्था से ग्राहकों को बैंक में लगने वाली लाइन से निजात मिलेगी। बैंक में भीड़ भी कम होगी।
कैश रिसाइक्लर-ग्राहकों को एटीएम और सीडीएम के पास जाने की जरूरत नहीं है। अब ग्राहकों के लिए कैश रिसाइक्लर मशीन लगाई गई है। इसके जरिए एक ग्राहक द्वारा एक ही मशीन में पैसा जमा करने के बाद दूसरे ग्राहक के जरिए पैसा निकाला जा सकता है। कैश रिसाइक्लर में जमा एवं निकासी दोनों प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।