माफिया के करीबी खान सौलत हनीफ ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि अतीक ने उमेश की ओर से गालियां देने और उसकी पत्नी शाइस्ता पर कमेंट किए जाने से काफी गुस्सा था और इसी कारण उनके मर्डर का प्लान बनाया। सौतल ने बताया कि अतीक ने उमेश तक कई बार संदेश पहुंचवाया था कि वह गालियां व कमेंट करना बंद कर दे लेकिन वह नहीं माना और फिर उसने इस वारदात को अंजाम दिलवाया।
कौन है खान सौलत हनीफ
खान सौलत हनीफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का वरिष्ठ अधिवक्ता रहा है। उसने दशकों तक अतीक अहमद के मामलों में वकालत की और उसे सजा से बचाए रखा। सत्र न्यायलय से लेकर हाईकोर्ट तक अतीक के सारे केस हनीफ और उसकी टीम ही लड़ती थी। हनीफ एक तेज तरार अधिवक्ता रहे इसी कारण अतीक पर दर्ज सैंकड़ों मामलों के बावजूद उस पर कोई भी आरोप तय नहीं हो पाए। हालांकि अतीक को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण केस में दोषी पाया था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
क्यों हुई खान सौतल हनीफ को उम्रकैद
उमेश पाल अपहरण केस में अतीक के वकील खान सौलत हनीफ के खिलाफ पुख्ता सबूत थे कि उसे इस अपहरण की सारी जानकारी थी। इसी आधार पर प्रयागराज की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने खान सौलत हनीफ को भी अतीक अहमद और दिनेश पासी के साथ उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
हनीफ की वकालत पर लगी रोक, बना सरकारी गवाह
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने खान सौलत हनीफ का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का फैसला लिया है। बार अधिकारियों ने यह फैसला वकील को दोषी पाए जाने के बाद लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ खान सौलत हनीफ सरकारी गवाह बन चुका है। हालांकि उसने पुलिस के सामने शर्त रखी है कि इसके एवज में फिर आगे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होना चाहिए।