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Prayagraj News: सुबह से रात तक कहां थे डॉक्टर, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

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घटना के बाद मौके पर जुटे जूनियर डॉक्टरों में इस बात की चर्चा रही कि सुबह एक बार डॉक्टर कार्तिकेय को एसआरएन अस्पताल परिसर में देखा गया था। हालांकि, वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
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साथी डॉक्टरों ने संपर्क करने का प्रयास भी किया था। लेकिन, उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद घटना की जानकारी होने तक उनका कुछ पता नहीं चला। पुलिस की एक टीम एसआरएन अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में भी जुट गई है। ताकि, यह पता लग सके कि डॉक्टर अस्पताल में कब आए और वाहन पार्किंग में कब पहुंचे। इसके लिए एसओजी को भी लगाया गया है।

उधर, कहा जा रहा है कि डॉ. कार्तिकेय की मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रारंभिक छानबीन में सामने आए तथ्य और परिस्थितिजन्य साक्ष्य आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि अगर डॉक्टर ने खुद जान दी तो उन्होंने ऐसा क्यों किया। एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि दवा के ओवरडोज के चलते उनकी मौत हुई।
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लेकिन, सवाल यह भी है कि डॉक्टर होने के बाद वह ज्यादा मात्रा में दवा का डोज क्यों लेंगे, जिससे उसकी जान को खतरा हो जाए। सवाल यह भी है कि अगर खुदकुशी ही करनी थी तो उन्होंने घर या अस्पताल के किसी कक्ष की बजाय कार को क्यों चुना।

बहन जेल अधीक्षक, दो भाई भी हैं डॉक्टर

डॉ. कार्तिकेय तीन भाई और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। उनके दो भाई अंकित और अक्षत भी डॉक्टर हैं और उनकी बहन अदिति जेल अधीक्षक के पद पर बिजनौर में तैनात हैं। घटना की जानकारी पर सभी प्रयागराज आने के लिए चल दिए थे।
लॉक नहीं थी कार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब जूनियर डॉक्टर वाहन पार्किंग में पहुंचे तो कार भीतर से लॉक नहीं थी। यही वजह थी कि पुलिस को घटना की जानकारी तुरंत दी गई।

मेडिकल कॉलेज में साल भर में दूसरे डॉक्टर की खुदकुशी

जूनियर डॉक्टर की खुदकुशी की घटना के बाद मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एक बार फिर चर्चा में है। यहां महज साल भर के भीतर जूनियर डॉक्टर की आत्महत्या का दूसरा मामला है। पिछले साल 13 अक्तूबर को एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा श्रुति श्रीवास्तव मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में फांसी पर लटकी मिली थी। लखनऊ की रहने वाली श्रुति मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। 13 अक्टूबर 2023 को वह हॉस्टल के ही अपने कमरे में फांसी पर लटकी मिली थी। पोस्टमार्टम में फांसी लगाने से मौत की बात सामने आई थी। बाद में पिता ने साथ पढ़ने वाली एक छात्रा पर ही प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने थाने में कोई तहरीर नहीं दी थी।
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