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कहां जल गई पांच लाख की लकड़ी

Tue, 30 Dec 2014 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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 नगर निगम प्रशासन शहर के विभिन्न हिस्सों में अलाव तो जलवा रहा है। निगम प्रशासन का दावा है कि  ठंड शुरू होने के बाद से अब तक पांच लाख रुपये से अधिक की लकड़ी जलाई गई लेकिन लोगों और पार्षदों की शिकायत है कि अलाव जलाने में खानापूरी की जा रही है। कड़ाके की ठंड में लोग ठिठुर रहे हैं और निगम कुछ ही स्थानों पर अलाव जलाकर पल्ला झाड़ ले रहा है। दावा किया जा रहा है कि अकेले शनिवार और रविवार को एक लाख रुपये से अधिक लकड़ी जलाई गई। उधर, निगम के पास अस्थाई रैन बसेरों की संख्या, स्थाई एवं अस्थाई रैन बसेरों में आने वाले लोगों की संख्या का कोई रिकार्ड नहीं है।
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भीषण ठंड और शीतलहर से शहरियों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से प्रमुख चौराहों, बस अड्डा, टैक्सी स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रैन बसेरों के साथ विभिन्न कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है। मुख्य अभियंता लोकेश जैन के मुताबिक पांचों जोन में सोमवार को 239 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई। बताया कि कुछ लोग निजी परिसर में भी अलाव की मांग कर रहे हैं और ऐसा करने से मना करने पर कार्य न करने का आरोप लगाया जा रहा है। उनके मुताबिक शनिवार और रविवार को एक लाख 19 हजार पांच सौ रुपये की 191.02 क्विंटल लकड़ी जलाई गई, जबकि ठंड शुरू होने से रविवार तक पांच लाख नौ हजार 781 रुपये की 816.47 क्विंटल लकड़ी जलाई गई। पार्षद चंद्रभूषण सिंह, आनंद सिंह, पूर्व पार्षद अखिलेश सिंह, कमलेश सिंह आदि निगम पर पर्याप्त मात्रा में अलाव न जलवाने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी ओर निगम के पास शहर में बनाए गए अस्थाई रैन बसेरों का ब्योरा नहीं है। अलाव के अलावा, रैन बसेरों और उनमें आने वालों की संख्या, कंबल आदि का विवरण देने के लिए एक प्रोफॉर्म भी बनाया गया है लेकिन उसमें सिर्फ11 स्थायी रैन बसेरों और लकड़ी का जिक्र है। ऐसे में कई संगठनों की ओर से अस्थाई रैन बसेरों के निर्माण में लगाई जा रही गड़बड़ी के आरोपों को भी बल मिला है।
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