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Prayagraj News: जीरोरोड बस स्टेशन बंद हुआ तो सड़क पर ही जमा लिया अड्डा

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जीरो रोड बस स्टेशन के बाहर हर रोज इसी तरह बसें खड़ी हो जाती हैं। अमर उजाला
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जीरोरोड बस स्टेशन बंद क्या हुआ चालक-परिचालकों ने सड़क पर ही अड्डा जमा लिया। बस अड्डे के बाहर सड़क पर सवारियां भरने के लिए बसें खड़ी हो रही हैं। इससे इलाके में जाम लग रहा है।
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जीरोरोड बस स्टेशन को कुछ माह पूर्व ही पुनर्विकास कार्य के लिए बंद कर दिया गया था। यहां से संचालित होने वाली बसों को अस्थायी रूप से नैनी लेप्रोसी स्थित नए बस स्टेशन पर शिफ्ट किया जाना था पर बसें नैनी लेप्रोसी स्टेशन जाने की बजाय जीरोरोड के आसपास ही मंडरा रही हैं। सवारी बैठाने के चक्कर में बस चालक बीच सड़क पर ही गाड़ियां रोक दे रहे हैं जिससे पीछे आ रहे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

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नैनी जाने से कतरा रहे चालक, सवारियां भी परेशान

महोबा, बांदा, मिर्जापुर, सोनभद्र, रीवा रूट बसों को नैनी लेप्रोसी से संचालित होना था लेकिन चालक-परिचालक वहां जाने से कतरा रहे हैं। इनका मानना है कि नैनी जाने से उन्हें शुरुआती सवारियां मिलने में दिक्कत होगी। वहीं दूसरी ओर, प्रचार-प्रसार की कमी के कारण आम यात्रियों को भी यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनकी बसें अब कहां से मिलेंगी। रोडवेज कर्मी राजापुर वर्कशॉप से बसों को लेकर सीधे जीरोरोड पहुंच जा रहे हैं।
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व्यापारी परेशान, हर रोज लग रहा जाम
जीरोरोड बेहद व्यस्त इलाका है। यहां वाहनों का भारी दबाव रहता है। बस स्टेशन के बाहर ही बसों का अवैध पड़ाव बन जाने से स्थिति बदतर हो गई है। सुबह शाम यहां पैदल चलना दूभर हो गया है। कारोबारी सुशांत केसरवानी, विजय गुप्ता आदि का कहना है कि जब बस स्टेशन बंद कर दिया गया है तो सड़कों पर बसें क्यों खड़ी होने दी जा रही हैं?
यह मामला संज्ञान में है। मैं खुद मौके पर गया था। वहां खड़ी बसों के चालकों और परिचालकों को निर्देश दिया गया कि वह नैनी लेप्रोसी जाएं। एआरएम जीरोरोड से भी कहा गया है कि वर्कशॉप से बसों को सीधे नैनी लेप्रोसी भेजा जाए।
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रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज प्रयागराज परिक्षेत्र।
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