विकास खंड मेजा और उरुवा के साधन सहकारी समितियों में शुक्रवार को किसानों की भीड़ रही। समितियों में सर्वर चालू होने से किसानों को डीएपी और यूरिया मिलनी शुरू हुई।
सप्ताह भर से साधन सहकारी समितियों में सर्वर न होने की वजह से उर्वरक का वितरण बंद था। शुक्रवार को सर्वर आया तो डीएपी और यूरिया का वितरण किया गया। मेजा के लक्षनकापूरा साधन सहकारी समिति में सुबह से ही किसानों की भीड़ जुट गई। दोपहर बाद उर्वरक का वितरण शुरू किया गया।
सचिव आशीष शुक्ला ने बताया कि किसानों को खाद दी गई। मेजा विकास खंड के एडीओ कोऑपरेटिव सच्चिदानंद दूबे ने बताया कि मेजा की नौ समितियों में डीएपी और यूरिया का वितरण किया गया। एडीओ कोऑपरेटिव ने बताया कि सुबह साढ़े सात से शाम साढ़े सात बजे तक खाद का वितरण किया जाएगा। उरुवा के आठों समितियों में भी खाद का वितरण किया गया।
यूरिया और डीएपी लेने पहुंचे किसान
क्षेत्र की सहकारी समितियों में डीएपी और यूरिया खाद का वितरण किया गया। कर्मचारियों के अनुसार, समिति में कई दिनों से खाद नहीं थी। शुक्रवार को खाद बांटी गई लेकिन कई किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
मनकवार गांव के राममूर्ति पटेल ने बताया कि पिछले तीन दिन से खाद के लिए समिति का चक्कर लगा रहे हैं। आज पूरे दिन कतार में खड़े रहे शाम को पता चला कि खाद खत्म हो गई।
रामबाबू पटेल, शिवपूजन, धर्मेंद्र पटेल, राजापुर के लाल जी कुशवाहा को भी मायूस होकर लौटना पड़ा। किसान सेवा सहकारी समिति घूरपुर के सचिव प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि उनकी नियुक्ति किसान सहकारी समिति धनुहा में है। घूरपूर में उनको अतिरिक्त चार्ज दिया गया है, इस कारण हफ्ते में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार खाद बांटी जाती है। सर्वर ठप होने से भी किसान परेशान हो रहे हैं।