बांग्लादेश की सीमा पर शहीद हुए बीएसएफ के जवान गुलाम मोहम्मद का पार्थिव शरीर बुधवार को हंडिया तहसील के बरौत बाजार में पहुंचा तो भारत माता की जय, शहीद गुलाम मोहम्मद अमर रहें के नारे गूंजने लगे।
बांग्लादेश की सीमा पर शहीद हुए बीएसएफ के जवान गुलाम मोहम्मद का पार्थिव शरीर बुधवार को हंडिया तहसील के बरौत बाजार में पहुंचा तो भारत माता की जय, शहीद गुलाम मोहम्मद अमर रहें के नारे गूंजने लगे। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, क्षेत्रीय विधायक हाकिम लाल बिंद समेत तमाम जनप्रतिनिधि श्रद्धांजलि और शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे। पूरे सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को सुपुर्द ए खाक किया गया। इस दौरान तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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गुलाम मोहम्मद (45) पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। सोमवार को ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे हैं। बीएसएफ अधिकारियों की निगरानी में पार्थिव शरीर को गांव लाया गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'शहीद गुलाम मोहम्मद अमर रहें' के नारे लगाए।