अयोध्या से जुड़ा मामला होने के बाद कोर प्रयागराज के वरिष्ठ अफसरों के नेतृत्व में वहां एक टीम पहुंची। खास बात यह रही कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पूर्व ही अनुभवी टीम ने यह कार्य पूरा कर लिया। इसके बाद पीसीईई का यहां निरीक्षण भी हो गया। इसी तरह पिछले वर्ष ही कोर की न्यू जलपाईगुड़ी परियोजना के सारे कार्य पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को सौंपे गए। लेकिन सीमांत रेलवे द्वारा कार्य में की जा रही लेटलतीफी को देखते हुए कोर के तीन अफसर समेत 15 सुपरवाइजरों की टीम वहां रेल विद्युतीकरण का कार्य करवाने के लिए नामित की। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि वहां रेल विद्युतीकरण का कार्य 31 मार्च 24 तक पूरा हो जाएगा।
संजीव सान्याल की रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल
कोर की उपयोगिता पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल ने वर्ष 2022 में सवाल उठाए थे। उनके प्रस्ताव पर ही कोर प्रयागराज और उसकी सभी परियोजनाओं को बंद करने की तैयारी की गई। जिन जोनल रेलवे को रेल विद्युतीकरण के कार्य सौंपे गए, उनके पास इसका अनुभव कम है।
इस वजह से कार्य की लेट लतीफी को देखते हुए अब एक बार फिर से कोर प्रयागराज का ही सहारा लिया जा रहा है। कोर के पास रेल विद्युतीकरण का खासा अनुभव है। फिलहाल कोर को एक बार फिर से काम दिए जाने के बाद संजीव सान्याल की रिपोर्ट पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। क्योंकि कोर लगातार अपनी उपयोगिता दिखा रहा है।