दारागंज से झूंसी के बीच गंगा पर रेलवे पुल बन रहा है। इस समय दारागंज साइड में कार्य चल रहा है। यह रेल ब्रिज पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा बनारस-प्रयागराज रामबाग रेलखंड दोहरीकरण प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है।
झूंसी से दारागंज को जोड़ने के लिए गंगा पर बनाए जा रहे रेल ब्रिज के निर्माणाधीन कई कुएं जलस्तर बढ़ने से डूब गए हैं। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने अलर्ट जारी करते हुए अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड को पत्र भेजकर शास्त्री पुल और पुराने रेल ब्रिज के बीच नाव का आवागमन बंद कराने की मांग की है।
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दारागंज से झूंसी के बीच गंगा पर रेलवे पुल बन रहा है। इस समय दारागंज साइड में कार्य चल रहा है। यह रेल ब्रिज पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा बनारस-प्रयागराज रामबाग रेलखंड दोहरीकरण प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है। 1950 मीटर लंबा यह पुल पुराने पुल के समानांतर ही बन रहा है। इस पुल में कुल 25 पिलर हैं। इसमें 23, 24 और 25 नंबर पिलर दारागंज साइड में ही बनाए जा रहे हैं।
इस समय गंगा के जल स्तर में विस्तार के बाद पुल के पिलर के लिए बनाए गए कुएं पानी में डूब गए हैं। आरवीएनएल के प्रोजक्ट डायरेक्टर विनय अग्रवाल ने कहा कि पिलर नंबर दो से पिलर नंबर 24 के बीच स्टाफ का आवागमन नहीं हो पा रहा है। इसलिए इसके बीच नाव के आवागमन पर प्रतिबंध की मांग की गई है।