नम पुरवइया एवं धूल भरी पछुवा हवाओं के गठजोड़ के चलते मौसम का मिजाज रविवार को दूसरे दिन भी बिगड़ा रहा। पूरे दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम के बदले मिजाज के चलते कई बार बूंदाबांदी भी हुई। गनीमत रही मूसलाधार बारिश नही हुई। वरना किसानों के लिए और मुसीबत खडृ़ी हो जाती। शनिवार शाम आयी तेज आंधी व बूंदाबांदी के चलते रविवार को पारा अचानक गिर गया।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री व न्यूनतम 24.4 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम आर्र्दता 71 फीसदी एवं न्यूनतम 43 फीसदी दर्ज की गई। मौसम के बदले मिजाज के चलते पारा पांच डिग्री गिर गया। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि सोमवार को भी आसमान में बादल व हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। दूसरी ओर मौसम के बदले मिजाज को देखकर विज्ञानी भी भौचक है। विवि के प्रोफेसर व मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि मौसम का मौजूदा तेवर चौंकाने वाला है। नवंबर-दिसंबर से लेकर मौसम हर माह नए तेवर दिखा रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम का तेजी से बदलता मिजाज बीमारियों के लिहाज से बेहद खतरनाक है। अधिकतम तापमान कभी 38 डिग्री तो कभी 25 डिग्री पर पहुंच रहा है। तापमान में इस बदलाव से वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम, डायरिया, खसरा होने का पूरा खतरा है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. ओपी त्रिपाठी का कहना है कि ऐसे मौसम में थोड़ा एहतियात बरतने की जरूरत हैं।