सूरज का दहकना हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। दिन की अपेक्षा रात का तापमान अभी कुछ कम है। एसी-कूलर वाले कमरे निकल कर सीधे धूप में आना या धूप से घर पहुंचकर पानी पीना बीमारी का कारण बन रहा है। मौसम की इस मार से बच्चे बीमार हो रहे हैं। चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 250 से अधिक बच्चे पहुंचे। उल्टी, दस्त और बुखार पीड़ितों की भरमार है। अस्पताल के सभी बेड भरे हैं। अब भीड़ बढ़ी तो मरीजों को वापस भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।
बुधवार को अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार की अपेक्षा पारा चढ़ा है। अब हर दिन पारा छलांग लगाएगा, ऐसा अनुमान मौसम विज्ञानियों का है। ऐेसे में स्कूल जाने वाले बच्चों की सेहत खराब हो रही है। दो वर्ष तक के बच्चों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ा है। दिन में सूखी गर्मी और रात में सुरसुरी हवा तबीयत बिगाड़ने के लिए मुफीद साबित हो रही है।
सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) में सुबह से ही अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी में इधर दो से तीन दिन में बाल मरीजों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। ओपीडी में निर्धारित समय के बाद भी मरीजों को लेकर लोग पहुंच रहे हैं। बुधवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित शिखा(2), संगम (3), राशिद (छह माह), बन्नो (एक वर्ष) आदि को शरीर में पानी की कमी के कारण भर्ती करना पड़ा। तेज बुखार से तप रहे कई बच्चे भी अस्पताल में भर्ती हैं। हाल यह है कि 120 बेड के इस बच्चों के अस्पताल के सभी बेड भरे हैं।
वर्जन- तेज गर्मी बच्चों को बीमार कर रही है। अभिभावकों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी दशा में छोटे बच्चों को धूप में लेकर न निकलें। दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
- डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, अधीक्षक चिल्ड्रेन अस्पताल
0बचाव के उपाय
0 पानी उबालकर ठंडा होने पर ही बच्चों को दें।
0 शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।
0 खाने-पीने में तेल-मसालों से परहेज करें।
0 सादा और ताजा भोजन ही ग्रहण कराएं।
0 खाने में खीरा, ककड़ी, खरबूजा आदि लें।
0 उल्टी-दस्त या बुखार-खांसी हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
पारा हर दिन नई ऊंचाई पर चढ़ता जा रहा है। हर दिन एक से दो डिग्री छलांग रहा तापमान तपिश से सड़कें भी तमतमाने लगी हैं। बुधवार को पारा 41 डिग्री का आंकड़ा छूने को आतुर रहा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक अभी तापमान और बढ़ेगा। झुलसाने वाली गर्मी के साथ अब लू के थपेड़े भी परेशान करेंगे। संभावना है कि चक्रवाती प्रभाव से बृहस्पतिवार को रात तक धूल भरी आंधी और गरज-चमक के बूंदाबांदी हो सकती है।
बुधवार को तेज धूप के कारण तपिश इस कदर रही कि सुबह नौ बजे से ही लोगों को परेशानी होने लगी। दोपहर बाद तो चेहरे पर पड़ने वाली धूप चुभने लगी। स्कूलों में छुट्टी के समय निकले बच्चों की खासी दिक्कत हुई। स्कूल ट्राली और अन्य वाहनों में बैठे बच्चे बोतल से गला तर करते दिखे। तेज धूप से बढ़ी सूखी गर्मी में ठंडे पानी का मेल कई बच्चों को बीमार कर गया। बाहर निकले लोग चेहरा ढंकने को मजबूर हुए। बेल का शरबत और शीतल पेय पदार्थों की दुकानों में ग्राहकों का तांता लगा रहा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक चक्रवाती हवाएं हिमाचल-पंजाब के आसपास सक्रिय हैं। अब इसका रुख मैदानी इलाकों की तरफ है। संगमनगरी में गंगा का मैदानी इलाका बालू के कारण अधिक तप रहा है। दिन की गर्मी और रात में नमी का गिरता स्तर संक्रमण कराएगा। संभावना है कि बृहस्पतिवार को मौसम एक बार फिर अंगड़ाई ले। इससे तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी संग गरज चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
बढ़ रही सूरज की तल्खी
22 अप्रैल- अधिकतम 37.7- न्यूनतम 23.7
23 अप्रैल- अधिकतम 38.6- न्यूनतम 20.5
24 अप्रैल- अधिकतम 39.2- न्यूनतम 21.9
25 अप्रैल- अधिकतम 40.9- न्यूनतम 22.2