हिमालयी क्षेत्र से आ रही तेज पछुवा और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पुरवइया के चलते बने पश्चिमी विक्षोभ ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। इसका ही असर रहा कि वसंत में सावन-भादो जैसी झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार सुबह साढ़े आठ से लेकर शाम साढ़े पांच बजे के बीच 0.7 मिमी बारिश हुई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर भी बेहद कम हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री पर पहुंच गया, जो तीन दिन पूर्व अधिकतम 22.9 तक पहुंच गया था। मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला हुआ था।
आसमान में घने बादलों के साथ रात से हल्की बारिश हो रही थी। सुबह बारिश होने से स्कूल जाने वाले बच्चोें के अलावा कार्यालय जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। दिन भर पुरवइया हवाओं के साथ बारिश शाम अचानक तेज हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी मौसम का यही मिजाज देखने को मिलेगा। आसमान में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलेगी।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र से आ रही भारी ठंडी पछुवा ने नम हवा को वायुमंडल में ऊपर ढकेल दिया है। अधिकतम आद्रता सौ फीसदी और न्यूनतम 92 प्रतिशत तक पहुंच जाने की वजह से आसमान मेें बादलों की मोटी परत बन गई है, जिसने बारिश का रूप ले लिया है। मौसम विज्ञानियों का यह भी कहना है कि जनवरी माह में मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा है, यह वाकई में चौंकाने वाला है इस समय अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास होना चाहिए लेकिन हिमालयी इलाकों से आ रही पछुवा ने पूरा माहौल ही पलट कर रख दिया है।