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घने कोहरे व बादलाें ने तोड़ा 11 वर्षो का रिकार्ड

Sat, 17 Jan 2015 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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पिछले एक सप्ताह से मौसम के बिगड़े हुए मिजाज के चलते जहां आम आदमी परेशान है और घने, कोहरे ठंड से दो दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, वही मौसम विज्ञानी भी बदला मिजाज देखकर भौचक है। विवि के ‘एटमासफेरिक ओसीन साइंस’ केविशेषज्ञ समेत कई अन्य मौसम विज्ञानी बदले मिजाज का गहन अध्ययन करने में जुट गए है। मौसम विज्ञानियों की ही माने तो घने कोहरे ने पिछले 11 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है।
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विवि में प्रोफेसर एवं मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा के मुताबिक मौसम का बदला हुआ मिजाज वाकई में चौकानें वाला है। वर्ष 2003 के बाद यह पहला मौका है जब मौसम का यह मिजाज देखने को मिल रहा है। इतना घना कोहरा व इतने दिनों तक क्यों है इसका अध्ययन विवि के ‘एटमासफेरिक ओसीन साइंस’ केविशेषज्ञ भी कर रहे है। मौसम विज्ञानी डॉ. सुनीत द्विवेदी की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम 15-15 मिनट के बदलते तापमान का अध्ययन कर रही है। डाटा का अध्ययन करने में नीदरलैंड की विशेष मशीन की मदद ली जा रही हैं।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा है उसकी एक वजह रात और दिन  के तापमान का कम अंतर होना है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भी अधिकतम तापमान 12.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम आर्र्दता सौ फीसदी और न्यूनतम आर्र्दता 84 फीसदी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान का बेहद कम अंतर पिछले एक सप्ताह से बना हुआ है। ठंड के पहले चरण में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर बहुत अधिक था जबकि दूसरे चरण में यह स्थिति देखने को नही मिल रही है।
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मौसम विज्ञानियों ने आशंका जतायी है कि पुरवइयां व पछुवा हवाओं केचलते आसमान में जो बादल छाए हैं या तो इसकी वजह से बारिश होगी, या फिर बारिश के रूप में जबरदस्त घना कोहरा देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पछुवा शीतलहर के चलते बादल नहीं छंट पा रहे हैं।
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